पार्ट-6। तबादला नीति की कसौटी पर तीनों की तैनाती, आदेशों से साफ होगी स्थिति
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। ग्रामीण निर्माण विभाग में अल्मोड़ा गृह जनपद वाले तीन अधिकारियों की ऊधमसिंह नगर में तैनाती को लेकर चल रही पड़ताल का एक महत्वपूर्ण पहलू स्थानांतरण और पदस्थापना के आदेश हैं। किसी भी तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित शासनादेश, विभागीय आदेश और अधिकारी की वास्तविक सेवा अवधि का मिलान जरूरी है जांच में प्रत्येक अधिकारी की ऊधमसिंह नगर में तैनाती की तारीख, पूर्व तैनाती, पद और स्थानांतरण आदेश को सामने रखा जा सकता है। इससे यह पता चलेगा कि तीनों की तैनाती एक ही समय में हुई या अलग-अलग समय पर
यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि अलग-अलग समय पर हुई सामान्य प्रशासनिक तैनातियों को केवल समान गृह जनपद के आधार पर एक ही प्रक्रिया का परिणाम नहीं माना जा सकता स्थानांतरण से जुड़े लागू नियमों और विभागीय आदेशों की प्रति के आधार पर यह देखा जाना चाहिए कि संबंधित अधिकारियों की पदस्थापना निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप थी या नहीं यदि कोई विशेष छूट, प्रशासनिक आवश्यकता या विभागीय आदेश लागू था तो उसका उल्लेख भी रिकॉर्ड में देखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष दस्तावेज तय करेंगे
इस स्तर पर किसी अधिकारी की तैनाती को नियमविरुद्ध कहना उचित नहीं होगा। सवाल यह है कि तैनाती का प्रशासनिक आधार क्या था और क्या वह संबंधित नियमों के अनुरूप था इसका सबसे विश्वसनीय जवाब संबंधित आदेश और सेवा अभिलेख ही दे सकते हैं।
सीरीज के अंतिम पार्ट में पूरे मामले पर विभाग से लिए जाने वाले जवाब और अब तक सामने आए दस्तावेजों के आधार पर मुख्य सवालों को समेटा जाएगा।।

