भू-तत्व एवं खनन विभाग में पदोन्नति पर घमासान – नियमों की उड़ी धज्जिया, दो अधिकारियों के लिए अलग अलग नियम – वरिष्ठ अधिकारी ने लगाया पक्षपात का आरोप
भू-तत्व एवं खनन विभाग में पदोन्नति पर घमासान
– नियमों की उड़ी धज्जिया, दो अधिकारियों के लिए अलग अलग नियम
– वरिष्ठ अधिकारी ने लगाया पक्षपात का आरोप
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रूद्रपुर। भू-तत्व एवं खनन विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोपों ने विभागीय गलियारों में हलचल मचा दी है। एक ही ग्रेड के दो वरिष्ठ अधिकारियों में से एक को समय पर पदोन्नति देने और दूसरे को लंबे समय तक वंचित रखने के मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला अपर निदेशक राजपाल लेघा और उप निदेशक (ज्येष्ठ खान अधिकारी) दिनेश कुमार का है। शासन ने 1 जुलाई 2024 को राजपाल लेघा को निदेशक के पद पर पदोन्नत कर दिया था, जबकि उसी ग्रेड में कार्यरत दिनेश कुमार को करीब एक वर्ष तक पदोन्नति से वंचित रखा गया अंततः 20 जून 2025 को उन्हें संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया, लेकिन इस दौरान दोनों अधिकारियों के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाए गए जिससे पूरे विभाग में यह चर्चा का विषय बन गया।
पदोन्नति के बाद भी विवाद थमा नहीं बीती 2 अगस्त को शासन ने दिनेश कुमार को संयुक्त निदेशक, कुमाऊं मंडल, अल्मोड़ा के रिक्त पद पर स्थानांतरित कर दिया इस पर उनका आरोप है कि संयुक्त निदेशक का पद पूर्व में हल्द्वानी के लिए स्वीकृत था, लेकिन जानबूझकर इसे अल्मोड़ा स्थानांतरित कर दिया गया जिससे उनकी कार्य सुविधा प्रभावित हो।
दिनेश कुमार ने उच्चाधिकारियों पर पदोन्नति प्रक्रिया में पक्षपात, नियमों की अनदेखी और सांठ-गांठ के गंभीर आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी का उदाहरण है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम ने न केवल अधिकारियों में असंतोष बढ़ाया है बल्कि भविष्य में पदोन्नति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।।