ऊधम सिंह नगर

टनकपुर दशहरा महोत्सव में उमड़ा आस्था और संस्कृति का सैलाब, मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग श्रीमद्भागवत कथा का किया श्रवण, छोलिया नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ भव्य स्वागत

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

चम्पावत। टनकपुर में आयोजित दशहरा महोत्सव में शनिवार को आस्था, धर्म और लोक संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नवयुवक रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग कर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कार्यक्रम स्थल उत्साह और उल्लास से गूंज उठा। स्थानीय लोगों एवं रामलीला कमेटी की ओर से पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ उनका स्वागत किया गया।

टनकपुर पहुंचने पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद स्थानीय लोगों से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में आमजन से सीधा संवाद किया।इसके उपरांत मुख्यमंत्री दशहरा महोत्सव में पहुंचे। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस दौरान बाबा नीम करौली महाराज पर आधारित भक्ति संगीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे भगवान, सागर में नैया डार देई’ की प्रस्तुति भी हुई। बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन अपने आप में दिव्य होता है। जहां श्रद्धा के साथ भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां भगवान की कृपा अवश्य होती है। मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर ऐसे धार्मिक आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं और उत्सव समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने का कार्य करते हैं।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में विकास के साथ संस्कृति, धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में आदर्श जनपद चम्पावत में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण, शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार तथा विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य जनपद को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर लगभग 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आदर्श चम्पावत’ का संकल्प जनपद के समग्र विकास का संकल्प है। सरकार का प्रयास है कि चम्पावत की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जाए, जिसमें विकास के साथ विरासत भी संरक्षित रहे और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोविन्द सामन्त, दायित्वधारी श्री मनोज कालाकोटी, श्रीमती हेमा जोशी, श्रीमती किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चम्पावत श्री प्रकाश तिवारी, जिला अध्यक्ष महिला युवा मोर्चा श्रीमती दीपा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर श्री विपिन कुमार, प्रदेश मंत्री भाजपा श्री निर्मल माहरा, नगर मंडल चम्पावत अध्यक्ष श्री सुनील पुनेठा, कथा व्यास देवी सुश्री दिव्यांशी किशोरी, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।।

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