15 अक्टूबर की डेडलाइन तय, फिर 3 अक्टूबर को धरना क्यों? सड़क निर्माण को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर उठे सवाल, PWD को काम पूरा करने का मिला समय
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। इंद्रा चौक से बस अड्डे तक सड़क निर्माण को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद अब प्रदर्शन के समय और औचित्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिला प्रशासन पहले ही 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दे चुका है। ऐसे में निर्धारित समयसीमा समाप्त होने से पहले ही लोक निर्माण विभाग के खिलाफ धरना और तालाबंदी की चेतावनी दिए जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सड़क के गड्ढे में बैठकर प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण में देरी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष से सड़क की स्थिति खराब है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, दूसरी ओर प्रशासन ने मानसून के बाद जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 15 अक्टूबर की समयसीमा निर्धारित कर रखी है। लोक निर्माण विभाग को अभियान में तेजी लाने और कार्य की प्रगति की रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब सड़क सुधार के लिए प्रशासन ने 15 अक्टूबर तक की समयसीमा तय की है, तो उससे पहले ही PWD कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी देना कितना उचित है? क्या कांग्रेस को पहले निर्धारित समयसीमा पूरी होने का इंतजार नहीं करना चाहिए था?
अब 15 अक्टूबर के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन और लोक निर्माण विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का कितना असर हुआ और इंद्रा चौक से बस अड्डे तक सड़क की स्थिति में कितना सुधार आया।
फिलहाल राजनीतिक प्रदर्शन से ज्यादा निगाह 15 अक्टूबर की डेडलाइन पर है—क्या सड़क गड्ढामुक्त होगी या फिर धरना-प्रदर्शन का अगला दौर शुरू होगा?

