पार्ट-5। एमबी से भुगतान तक: कागजों में दर्ज काम कितना, भुगतान कितना?
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। निर्माण कार्यों में माप पुस्तिका यानी एमबी सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी दस्तावेजों में शामिल होती है। मौके पर किए गए कार्य का मापन, उसका विवरण और उसी के आधार पर तैयार होने वाले बिल भुगतान प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। ऐसे में ग्रामीण निर्माण विभाग के संबंधित कार्यों की पड़ताल में एमबी और भुगतान रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मौके के काम और रिकॉर्ड का मिलान जरूरी
यदि किसी कार्य की स्वतंत्र जांच की जाती है तो एमबी में दर्ज माप, कार्यादेश में निर्धारित मात्रा और मौके पर मौजूद वास्तविक निर्माण की स्थिति का मिलान किया जा सकता है। इसी तरह रनिंग बिल, अंतिम बिल और भुगतान आदेशों की जांच से यह देखा जा सकता है कि भुगतान किस चरण में और किस आधार पर किया गया।
गुणवत्ता जांच भी सवालों के घेरे में
निर्माण कार्य केवल कितना हुआ, यह पर्याप्त नहीं है। निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण है। इसलिए गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, साइट निरीक्षण और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र की भी जांच की जा सकती है। यदि किसी कार्य में शिकायत सामने आई हो तो यह भी देखा जाना चाहिए कि विभाग ने उस पर क्या कार्रवाई की।
एमबी में कोई प्रविष्टि होना अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है। इसी तरह भुगतान होना भी किसी गड़बड़ी का प्रमाण नहीं है। वास्तविक स्थिति तभी सामने आएगी जब संबंधित दस्तावेजों का आपस में मिलान हो। अगला सवाल फिर अधिकारियों की तैनाती पर लौटेगा—क्या पूरी पदस्थापना निर्धारित स्थानांतरण व्यवस्था के अनुरूप थी?

