चंपावत में पहली बार होगी कैबिनेट बैठक, उत्तराखंडी लोकशैली में सजा एनएचपीसी परिसर ऐंपण कला और पारंपरिक सजावट बनी आकर्षण का केंद्र, प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना किया शुरू
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चंपावत। जनपद चंपावत में पहली बार आयोजित होने जा रही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बैठक को भव्य और यादगार स्वरूप देने के लिए आयोजन स्थल एनएचपीसी परिसर भवन, बनबसा सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर शेष कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
कैबिनेट बैठक के आयोजन को उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत से जोड़ते हुए आयोजन स्थल को विशेष रूप से उत्तराखंडी लोकशैली में सजाया गया है। परिसर की दीवारों और प्रांगण में बनाई गई ऐंपण कला प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित कर रही है। पारंपरिक कला से सजी दीवारें आयोजन स्थल की खूबसूरती बढ़ाने के साथ ही यहां पहुंचने वाले अतिथियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शुक्रवार को आयोजन स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बैठक स्थल, अतिथियों के प्रवास, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने तथा आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।
कैबिनेट बैठक को लेकर मुख्य बैठक स्थल के साथ ही अतिथियों के आवागमन और प्रवास स्थलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि बैठक के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। पहली बार चंपावत में होने जा रही कैबिनेट बैठक को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह का माहौल है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि बैठक के दौरान आने वाले अतिथियों को चंपावत की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं की भी झलक देखने को मिले।।

