बाल अधिकारों को लेकर छात्राओं को किया जागरूक, हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। मुख्य विकास अधिकारी, उधम सिंह नगर के निर्देशानुसार बुधवार को सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज, रुद्रपुर में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण, मानव तस्करी एवं साइबर अपराध जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा
जागरूकता कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति, पुलिस विभाग की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), चिकित्सा विभाग, बाल विकास विभाग तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने छात्राओं को बाल अधिकारों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों और कानूनों की विस्तार से जानकारी दी कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल श्रम, पॉक्सो अधिनियम तथा मानव तस्करी की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने के साथ ही उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर भी दीर्घकालिक नकारात्मक असर पड़ सकता है।
छात्राओं को किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न, बाल विवाह या अन्य समस्या की स्थिति में चुप न रहने तथा तत्काल संबंधित विभाग अथवा हेल्पलाइन से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 तथा महिला हेल्पलाइन 181 के उपयोग के बारे में बताया गया।
एएचटीयू एवं संबंधित विभाग के प्रतिनिधियों ने मानव तस्करी के संभावित खतरों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए छात्राओं से सतर्क रहने की अपील की। साथ ही उन्हें साइबर अपराधों से बचने के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड एवं ओटीपी आदि किसी के साथ साझा न करने के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, समस्त विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में बताया गया कि बाल संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे जागरूकता अभियानों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देने तथा जरूरत के समय सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।।

