साइबर ठगी का पैसा अब वापस पाना हुआ आसान, MRM पोर्टल से घर बैठे करें आवेदन
साइबर ठगी का पैसा अब वापस पाना हुआ आसान, MRM पोर्टल से घर बैठे करें आवेदन
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार लोगों को राहत देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अंतर्गत मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) पोर्टल लॉन्च कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब साइबर ठगी के पीड़ित अपनी होल्ड (फ्रीज) कराई गई धनराशि वापस पाने के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर ने बताया कि पोर्टल के शुरू होने से पीड़ितों को धनराशि वापसी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पात्र नागरिक स्वयं ऑनलाइन रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज कर सकेंगे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिन्होंने साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई हो तथा 14 अंकों का रजिस्टर्ड एक्नॉलेजमेंट नंबर प्राप्त किया हो। साथ ही मामले में अपराधियों के बैंक खातों में पीड़ित की धनराशि होल्ड कराई गई हो।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह पोर्टल उन मामलों के लिए नहीं है जिनमें ठग बैंक खातों से धनराशि निकाल चुके हैं। केवल होल्ड की गई राशि वाले मामलों में ही रिफंड की कार्रवाई की जाएगी।
रिफंड प्रक्रिया को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। एकल बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि और अलग-अलग खातों में 50 हजार रुपये से अधिक लेकिन प्रति खाते 50 हजार रुपये से कम राशि के मामलों में एफआईआर या कोर्ट आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस आख्या और इंडेम्निटी बॉन्ड के आधार पर सीधे रिफंड किया जाएगा। वहीं एक ही बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की राशि होने पर एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन आवेदन के लिए पीड़ित को एमआरएम पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत आईडी दर्ज करनी होगी। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से लॉगिन करने के बाद संबंधित होल्ड राशि दिखाई देगी। इसके बाद बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और पैन कार्ड अपलोड कर आवेदन सबमिट करना होगा। आवेदन के बाद एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी जारी की जाएगी, जिससे रिफंड प्रक्रिया की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी।
एसएसपी ने आमजन से अपील की कि यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क और पारदर्शी है। किसी भी बिचौलिए या दलाल के झांसे में न आएं तथा रिफंड के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति को धनराशि न दें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि होल्ड कराकर वापस दिलाई जा सके।।

