रिपोर डेंगू-चिकनगुनिया नियंत्रण को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक, सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश
डेंगू-चिकनगुनिया नियंत्रण को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक, सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट नितिन भदौरिया की अध्यक्षता में जनपद में डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर एक अंतर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी चिकित्सालयों में डेंगू आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने, जांच व्यवस्था सुदृढ़ करने, ब्लड एवं प्लेटलेट्स की उपलब्धता बनाए रखने तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं और पंचायतों को नालियों की नियमित सफाई, फॉगिंग, दवा छिड़काव और स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के लार्वा को नष्ट करना सबसे प्रभावी उपाय है, इसलिए जलभराव वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
विद्यालयों में भी डेंगू जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को डेंगू के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। साथ ही विद्यार्थियों को फुल बाजू के कपड़े पहनकर विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने आमजन से घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने, कूलर, टंकियों, बाल्टियों और अन्य पात्रों में लंबे समय तक पानी जमा न होने देने तथा अनुपयोगी वस्तुओं को नष्ट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
बैठक में जल निगम एवं जल संस्थान को लीकेज पाइपलाइनों की मरम्मत तथा क्लोरीनयुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के लिए सिडकुल और उद्योग विभाग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को होटल, ढाबों, रेस्तरां और रेहड़ी-ठेलियों पर खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए, ताकि फूड प्वाइजनिंग और डायरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल ने बैठक में डेंगू रोग, उसके लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए सभी विभागों से डेंगू स्रोत नियंत्रण एवं जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने विभाग द्वारा की गई तैयारियों और डेंगू रोधी कार्ययोजना से भी अवगत कराया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, एसीएमओ डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. डी.पी. सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा, महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार, एआरटीओ पूजा नयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

