चम्पावत को पर्यटन हब बनाने की दिशा में तेजी, होम-स्टे और स्वरोजगार योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा
चम्पावत को पर्यटन हब बनाने की दिशा में तेजी, होम-स्टे और स्वरोजगार योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चम्पावत। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुरूप चम्पावत को आदर्श पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पर्यटन विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग एवं चयन समिति की बैठक भी संपन्न हुई जिलाधिकारी ने योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऋण एवं वित्तीय सहायता का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने लाभार्थियों से सफल स्वरोजगार मॉडल स्थापित करने का आह्वान किया, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हों।
बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा होम-स्टे स्थापना, पंजीकरण एवं सरकारी अनुदान प्राप्त करने से संबंधित नियमों और अनिवार्य शर्तों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के अंतर्गत प्रस्तावित सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप संचालित की जाएं जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट ने बताया कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत गैर-वाहन मद में तीन तथा वाहन मद में तीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं दीन दयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना के तहत 18 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने आवेदकों का साक्षात्कार लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा स्वीकृति के लिए संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में जनपद के ट्रैकिंग रूट्स को होम-स्टे योजना से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे दूरस्थ गांवों को चिन्हित किया जाए, जहां से पर्यटन अथवा धार्मिक स्थलों के लिए दो से तीन ट्रैकिंग मार्ग गुजरते हैं। इन गांवों को ट्रैकिंग क्लस्टर अथवा ट्रैकिंग सेंटर के रूप में अधिसूचित कराने के लिए प्रस्ताव शीघ्र पर्यटन मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए उन्होंने कहा कि इन गांवों के अधिसूचित होने से स्थानीय लोगों को अपने घरों को होम-स्टे में विकसित करने के लिए विशेष अनुदान एवं वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। इससे पर्यटकों और ट्रेकर्स को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने हिमाद्री एम्पोरियम को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए स्थानीय दस्तकारों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हथकरघा एवं पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, लीड बैंक अधिकारी अमर सिंह ग्वाल, आरसेटी निदेशक प्रियांशु मैठाड़ी, जिला उद्योग केंद्र की सुमेधा पंत, एसडीओ वन सुनील कुमार, पर्यटन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।।

