ऊधम सिंह नगर

12 साल बाद भी बदहाल साई एनक्लेव, सड़क-नाली और पार्क का इंतजार, कॉलोनी की वैधता पर भी उठ रहे सवाल

12 साल बाद भी बदहाल साई एनक्लेव, सड़क-नाली और पार्क का इंतजार, कॉलोनी की वैधता पर भी उठ रहे सवालसौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रूद्रपुर। बगवाड़ा/फुलसंगी रोड शहर के विस्तार के साथ नई-नई कॉलोनियां तो बसती जा रही हैं, लेकिन कई कॉलोनियों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव देखने को मिल रहा है। ऐसा ही मामला बगवाड़ा से फुलसंगी रोड पर राधा स्वामी सत्संग भवन के पीछे स्थित सई एनक्लेव कॉलोनी का सामने आया है। वर्ष 2014 में लगभग 2 एकड़ भूमि पर विकसित की गई इस कॉलोनी में आज तक सड़क, नाली, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।स्थानीय लोगों के अनुसार साई एनक्लेव कॉलोनी को वर्ष 2014 में निजी स्तर पर विकसित किया गया था। कॉलोनी में प्लॉट बेचकर लोगों को बेहतर सुविधाओं और व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र का सपना दिखाया गया था लेकिन 12 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कॉलोनी में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। कॉलोनी के अंदर आज भी अधिकांश रास्ते कच्चे हैं और कहीं भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है।

बरसात में बन जाती है विकट स्थिति कॉलोनीवासियों का कहना है कि नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में पानी सड़कों और खाली प्लॉटों में भर जाता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से कई दिनों तक पानी जमा रहता है, जिससे लोगों को घरों से निकलने तक में परेशानी होती है। जगह-जगह कीचड़ और गंदगी फैलने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार बरसात के दौरान बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और राहगीरों को चोट तक लग जाती है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव

कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए पार्क की कोई व्यवस्था नहीं है। कॉलोनी में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित स्थान भी विकसित नहीं किए गए हैं। ऐसे में बच्चों को सड़कों पर खेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

प्राधिकरण से स्वीकृति को लेकर भी सवाल

स्थानीय लोगों द्वारा कॉलोनी की वैधता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि कॉलोनी संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला गंभीर माना जाएगा, क्योंकि बिना आवश्यक स्वीकृतियों के कॉलोनी विकसित किए जाने से खरीदारों को भविष्य में विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कॉलोनी की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति संबंधी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्राधिकरण के रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।जीवनभर की कमाई लगाकर खरीदे प्लॉट

कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यहां प्लॉट खरीदे और मकान बनाए हैं। लोगों को उम्मीद थी कि समय के साथ क्षेत्र में सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित हो जाएंगी, लेकिन एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। इससे लोगों में भारी नाराजगी है।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विकास प्राधिकरण से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी की वैधता की जांच की जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए साथ ही कॉलोनी में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए कॉलोनीवासियों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे जब वर्षों से उपेक्षित कॉलोनियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा साई एनक्लेव के निवासी अब प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो। कॉलोनी के प्राधिकरण से स्वीकृत न होने संबंधी आरोप स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए हैं। इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान के बाद ही की जा सकती है।।

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