इंसेंटिव बढ़ाने, पर्याप्त पेपर बैग और स्वच्छ पेयजल की मांग को लेकर ब्लिंकिट वर्कर्स का कार्य बहिष्कार
इंसेंटिव बढ़ाने, पर्याप्त पेपर बैग और स्वच्छ पेयजल की मांग को लेकर ब्लिंकिट वर्कर्स का कार्य बहिष्कार
समाजसेवी सुशील गाबा ने उठाई कर्मचारियों की आवाज, दूषित पानी व मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर जताया रोष
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। मलिक कॉलोनी स्थित ब्लिंकिट स्टोर एक बार फिर विवादों में आ गया है। इंसेंटिव बढ़ाने, ग्राहकों के लिए पर्याप्त पेपर बैग उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों को स्वच्छ पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ब्लिंकिट डिलीवरी वर्कर्स ने कार्य बहिष्कार करते हुए डिलीवरी सेवा रोक दी।
समाजसेवी सुशील गाबा ने बताया कि मलिक कॉलोनी स्थित स्टोर पर प्रतिदिन करीब 2500 ऑर्डर आते हैं। उनका आरोप है कि कंपनी प्रत्येक ऑर्डर पर कैरी बैग के नाम पर 8 रुपये वसूलती है, लेकिन स्टोर पर प्रतिदिन केवल लगभग 1500 पेपर बैग उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके चलते करीब 1000 ग्राहकों तक सामान बिना बैग के पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कई ऑर्डरों में महिलाओं के निजी उपयोग के सामान, जैसे सेनेटरी नैपकिन और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं शामिल होती हैं। ऐसे सामान खुले में डिलीवर करने से ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है तथा कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। उनका कहना है कि जब ग्राहक से कैरी बैग का शुल्क लिया जा रहा है तो उसे बैग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सुशील गाबा ने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि डिलीवरी वर्कर्स भीषण गर्मी, बारिश और कड़ाके की ठंड में लगातार सेवाएं देते हैं, लेकिन उन्हें स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्कर्स को न निश्चित आय मिलती है, न सामाजिक सुरक्षा, न पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा और न ही रोजगार की स्थिरता। मामूली रेटिंग प्रभावित होने पर उनकी आय घट जाती है या आईडी बंद कर दी जाती है।
उन्होंने मांग की कि गिग वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा दिया जाए, न्यूनतम आय सुनिश्चित की जाए, दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य किया जाए, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले तथा बिना निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाए किसी भी कर्मचारी की आईडी बंद न की जाए। साथ ही कार्य के घंटे मानवीय बनाए जाएं और कर्मचारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं कार्य बहिष्कार के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और कंपनी प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की।।

