ऊधम सिंह नगर

हाईकोर्ट स्थानांतरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अधिवक्ताओं ने किया स्वागत, रुद्रपुर में अस्थायी संचालन की मांग

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान रुद्रपुर। नैनीताल से उत्तराखंड हाईकोर्ट के स्थानांतरण संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं एवं लोकतंत्र सेनानी संघ ने जोरदार स्वागत किया है। अधिवक्ताओं ने इसे प्रदेश की न्याय व्यवस्था और आम जनता के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में न्याय तक पहुंच आसान होगी और लोगों को लंबी दूरी तय करने की समस्या से राहत मिलेगी।

जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चंद्र छाबड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय उत्तराखंड के न्यायिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को नैनीताल स्थित हाईकोर्ट तक पहुंचने में समय, धन और संसाधनों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि नए हाईकोर्ट भवन के निर्माण तक उत्तराखंड हाईकोर्ट को रुद्रपुर अथवा हल्द्वानी में अस्थायी रूप से संचालित किया जाए उनका कहना था कि रुद्रपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में इसके लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है।

वरिष्ठ अधिवक्ता गुरुवाज सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के स्थानांतरण का निर्णय केवल भौगोलिक बदलाव नहीं, बल्कि न्याय को आमजन के और अधिक करीब लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से अधिवक्ता और वादकारी इस मांग को उठाते रहे हैं। अब सरकार को चाहिए कि नए परिसर के निर्माण के साथ-साथ अंतरिम व्यवस्था भी शीघ्र सुनिश्चित करे, ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हों।

महिला अधिवक्ता साजिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय प्रदेश के लाखों वादकारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नैनीताल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था यात्रा में समय और धन दोनों अधिक खर्च होते थे, जिससे कई लोगों के लिए न्याय प्राप्त करना भी चुनौती बन जाता था।
उन्होंने कहा कि यदि हाईकोर्ट का संचालन रुद्रपुर अथवा हल्द्वानी से होता है तो लोगों की न्याय तक पहुंच अधिक आसान होगी। इससे न केवल वादकारियों को राहत मिलेगी, बल्कि अधिवक्ताओं और न्यायिक व्यवस्था की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि न्याय तभी सार्थक है, जब वह आम नागरिक की पहुंच में हो।

साजिया ने सरकार से आग्रह किया कि नए हाईकोर्ट भवन के निर्माण में तेजी लाई जाए तथा तब तक रुद्रपुर या हल्द्वानी में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ अस्थायी रूप से हाईकोर्ट का संचालन शुरू किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की न्याय व्यवस्था और अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनेगी।

लोकतंत्र सेनानी संघ के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश के संतुलित विकास और न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सरकार से हाईकोर्ट के स्थायी भवन के निर्माण में तेजी लाने और तब तक अस्थायी संचालन की व्यवस्था शीघ्र शुरू करने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने वालों में अधिवक्ता कमल कुमार चिलाना, सोमिल घीक, होमी कुरैशी, बॉबी सागर,खटीमा बार के पूर्व महासचिव एस. के. त्रिपाठी,नागेश त्रिपाठी,बादल गगवार, बलवीर चौहान,हरपाल सिंह दिवाकर,सर्वजीत सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष मदन लाल अरोड़ा,नंदकिशोर बिर्मानी तथा अभिनव छाबड़ा सहित अनेक अधिवक्ता एवं लोकतंत्र सेनानी संघ के सदस्य शामिल रहे।।

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