रूद्रपुर में यूरिया की कालाबाजारी रोकने को प्लाईवुड फैक्ट्रियों पर छापा, कृषि विभाग ने दी कड़ी चेतावनी
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रूद्रपुर। दिनांक 09 मई 2026 को यूरिया की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से सिडकुल क्षेत्र स्थित प्लाईवुड फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई सिडकुल महाप्रबंधक एवं उपजिलाधिकारी रूद्रपुर मनीष सिंह बिष्ट के साथ संयुक्त रूप से की गई।
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्रियों में मौजूद स्टॉक का सत्यापन किया गया तथा प्रयोग में लाई जा रही टेक्निकल ग्रेड यूरिया के क्रय बिलों और स्टॉक का मिलान कराया गया। अधिकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराई जाने वाली नीम कोटेड यूरिया का उपयोग यदि किसी औद्योगिक इकाई में किया गया तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने बताया कि किसानों के लिए उपलब्ध नीम कोटेड यूरिया की 45 किलोग्राम की एक बोरी का मूल्य मात्र 266.50 रुपये है, जबकि औद्योगिक इकाइयों में उपयोग होने वाली गैर-अनुदानित टेक्निकल ग्रेड यूरिया की 50 किलोग्राम की एक बोरी का बाजार मूल्य लगभग 3500 रुपये है।
उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की कि यदि कहीं भी अनुदानित यूरिया का प्रयोग किसी औद्योगिक इकाई में होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा स्थानीय पुलिस को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।।

