Tuesday, June 23, 2026
Latest:
ऊधम सिंह नगर

चंपावत दुष्कर्म प्रकरण में साजिश का खुलासा, पुलिस जांच में सामने आए नए तथ्य

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

चंपावत में चर्चित दुष्कर्म प्रकरण की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार मामला बदले की भावना से रचे गए एक सुनियोजित षड्यंत्र से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के आधार पर कई अहम साक्ष्य सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक 6 मई 2026 को वादी ने कोतवाली चंपावत में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ 5 मई की रात तीन व्यक्तियों ने दुष्कर्म किया शिकायत के आधार पर तत्काल पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी चंपावत के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई एसपी ने स्वयं पीड़िता से बातचीत कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जानकारी ली पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर आरएफएसएल की फील्ड यूनिट से वैज्ञानिक परीक्षण कराया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण, सीडब्ल्यूसी के समक्ष काउंसिलिंग और न्यायालय में बयान भी दर्ज कराए गए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की गई।

विवेचना के दौरान सामने आया कि पीड़िता ग्राम सल्ली में आयोजित एक विवाह समारोह में अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ गई थी। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर से पीड़िता की गतिविधियों एवं आवाजाही की पुष्टि हुई है। मेडिकल परीक्षण में किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट, संघर्ष अथवा जबरदस्ती के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। वहीं कुछ गवाहों के बयान तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते पाए गए जांच में यह भी सामने आया कि कमल रावत, पीड़िता और उसकी महिला मित्र के बीच घटना की तिथि पर लगातार संपर्क हुआ था, जिसे पुलिस महत्वपूर्ण मान रही है। पुलिस के अनुसार नामजद आरोपी विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से इसकी पुष्टि होने की बात कही गई है।

पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है ताकि किसी निर्दोष को परेशान न होना पड़े और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कमल रावत द्वारा बदले की भावना से नाबालिग को बहला-फुसलाकर घटनाक्रम रचने की बात सामने आई है। फिलहाल डिजिटल एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि यदि मामले में भ्रामक या मनगढ़ंत तथ्य पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन और मीडिया से केवल सत्यापित तथ्यों के प्रकाशन-प्रसारण की अपील की गई है।।

error: Content is protected !!
Call Now Button