चम्पावत की महिलाओं ने थामी स्टेयरिंग, पिंक ई-रिक्शा से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी सिर्फ सफर नहीं, सम्मान की सवारी—महिलाओं के सशक्तिकरण की बनी मिसाल
चम्पावत की महिलाओं ने थामी स्टेयरिंग, पिंक ई-रिक्शा से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
सिर्फ सफर नहीं, सम्मान की सवारी—महिलाओं के सशक्तिकरण की बनी मिसाल
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चम्पावत। जनपद के नायकगोठ क्षेत्र की महिलाएं, जिनका जीवन कभी घरेलू कार्यों, पशुपालन और खेतिहर मजदूरी तक सीमित था, आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभरी हैं। सीमित आय, अनिश्चित रोजगार और सामाजिक बंधनों के बीच इन महिलाओं ने अपने मजबूत इरादों और सामूहिक प्रयासों के दम पर अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी है।
इस बदलाव की शुरुआत तब हुई जब क्षेत्र की 10 महिलाओं ने एकजुट होकर ‘प्रेरणा स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। श्रीमती रामबेटी के नेतृत्व में समूह ने पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़कर कुछ नया करने का संकल्प लिया। इसी दौरान उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) द्वारा संचालित और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास निधि (IFAD) से वित्त पोषित ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ से जुड़कर महिलाओं को उद्यमिता का अवसर मिला।
परियोजना के मार्गदर्शन में समूह ने ‘पिंक ई-रिक्शा’ सेवा शुरू करने का अभिनव प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकृति मिलने के साथ तकनीकी और आर्थिक सहयोग भी मिला। इसके तहत 10 लाख रुपये की परियोजना तैयार की गई, जिसमें 60 प्रतिशत यानी 6 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिए गए, जबकि शेष राशि बैंक ऋण और समूह के अंशदान से जुटाई गई।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं इन महिला उद्यमियों को ई-रिक्शा की चाबियां सौंपकर उनका उत्साहवर्धन किया वर्तमान में टनकपुर के मुख्य बाजार, बैराज क्षेत्र और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थानों पर ये पिंक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। ये न केवल एक सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सेवा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के प्रतीक भी बन गए हैं।
महज छह महीनों के भीतर इस पहल ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। समूह की प्रत्येक महिला सदस्य लगभग 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही है। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और वे बैंक ऋण की किश्तें भी समय पर चुका रही हैं। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि समाज में उनकी पहचान और सम्मान भी बढ़ा रही है।।

