केएमटी अस्पताल पर गंभीर आरोप: ऑपरेशन के दौरान मरीज की बाइल डक्ट काटने का दावा, डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर की मांग दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान खुला मामला होने का दावा
केएमटी अस्पताल पर गंभीर आरोप: ऑपरेशन के दौरान मरीज की बाइल डक्ट काटने का दावा, डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर की मांग
दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान खुला मामला होने का दावा
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित केएमटी अस्पताल के एक डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही, धोखाधड़ी और साजिश के आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायती पत्र सौंपकर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वसुंधरा कॉलोनी निवासी आकांक्षा बत्रा द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि उनके पिता राजेश बत्रा (लगभग 47 वर्ष) को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत के चलते 6 जुलाई 2026 को रुद्रपुर के केएमटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने भरोसा दिलाया था कि लैप्रोस्कोपिक गॉलब्लैडर ऑपरेशन (Laparoscopic Cholecystectomy) पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है तथा मरीज शीघ्र स्वस्थ हो जाएगा।
ऑपरेशन के दौरान कॉमन बाइल डक्ट काटने का आरोप
शिकायत के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने मरीज की कॉमन बाइल डक्ट (CBD) पूरी तरह काट दी, जिसे चिकित्सा भाषा में Iatrogenic Injury to the Common Bile Duct with Complete Transection of CBD कहा जाता है। आरोप है कि अपनी गंभीर गलती का एहसास होने के बाद डॉक्टर ने उसे छिपाने के लिए मरीज के पेट पर बड़ा चीरा लगाकर ऑपरेशन पूरा किया, लेकिन स्थिति संभाल नहीं सके।
गलती छिपाने के लिए लिवर सिरोसिस बताने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मरीज की गंभीर स्थिति का कारण लिवर सिरोसिस बताया और बाद में हालत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर अवस्था में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया। शिकायत में दावा किया गया है कि दिल्ली में जांच के दौरान पता चला कि ऑपरेशन के दौरान बाइल डक्ट कटने से मरीज की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो संक्रमण के कारण मरीज की जान भी जा सकती थी।
धोखाधड़ी और साजिश का आरोप
आकांक्षा बत्रा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय उसे छिपाने का प्रयास किया, जिससे मरीज की जान जोखिम में पड़ गई। उन्होंने इसे गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही, धोखाधड़ी और साजिश का मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद होगी कार्रवाई
पीड़ित परिवार का शिकायती पत्र एसएसपी कार्यालय पहुंच चुका है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, केएमटी अस्पताल और संबंधित डॉक्टर का पक्ष भी सामने नहीं आया है। मामले में पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।।

