सरकारी विभाग में मीडिया के लिए जारी हुआ ‘तुगलकी फरमान’ जल निगम के कार्यालय में प्रवेश से लेकर खबरों की जानकारी लेने तक के लिए जारी किए गए आठ नियम, पत्रकारों में नाराजगी
सरकारी विभाग में मीडिया के लिए जारी हुआ ‘तुगलकी फरमान’
जल निगम के कार्यालय में प्रवेश से लेकर खबरों की जानकारी लेने तक के लिए जारी किए गए आठ नियम, पत्रकारों में नाराजगी
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। जनता की पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालने वाले जल निगम के कार्यालय में अब मीडिया प्रतिनिधियों के लिए नियमों की लंबी फेहरिस्त जारी की गई है। कार्यालय में लगाए गए ‘मीडिया प्रतिनिधियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना’ शीर्षक वाले नोटिस को लेकर पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
नोटिस में मीडिया प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे कार्यालय में प्रवेश से पहले अपना पहचान पत्र/मीडिया आईडी कार्ड तथा संगठन का नाम बताएं और विजिटर रजिस्टर में प्रविष्टि करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय में प्रवेश न करने तथा निर्धारित स्थान पर प्रतीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि केवल अधिकृत अधिकारी/जनसंपर्क अधिकारी ही आधिकारिक जानकारी अथवा बयान देंगे और अन्य अधिकारियों से बयान नहीं लेने की बात कही गई है। सूचना प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने अथवा आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। सबसे अधिक सवाल फोटो, वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य किए जाने को लेकर उठ रहे हैं। नोटिस में बिना पूर्व अनुमति के संवेदनशील/गोपनीय क्षेत्रों में रिकॉर्डिंग को प्रतिबंधित बताया गया है।
नोटिस में गोपनीय दस्तावेजों, विचाराधीन मामलों, निविदा प्रक्रिया, परीक्षाओं तथा आपदा नियंत्रण कक्ष आदि से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही अभद्र व्यवहार, बाधा, धमकी अथवा जबरदस्ती को कानूनन दंडनीय बताया गया है।
जल जीवन मिशन पर सवाल, मीडिया के लिए नियमों की भरमार
जल निगम ऐसा विभाग है, जहां आम जनता पेयजल, पाइपलाइन, जलापूर्ति और जल जीवन मिशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचती है। ऐसे में पत्रकारों का कहना है कि विभाग को अपनी योजनाओं और जनता से जुड़े कार्यों की प्रगति पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इसके बजाय मीडिया प्रतिनिधियों के कार्यालय प्रवेश और कवरेज को लेकर इस तरह के नियम जारी करना पारदर्शिता और सूचना के अधिकार को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि विभाग की ओर से जारी नोटिस में नियमों को कार्यालय की व्यवस्था, सुरक्षा और गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। अब सवाल यह है कि क्या जनता से जुड़े सरकारी विभाग में जानकारी हासिल करने के लिए पत्रकारों को इतनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा? यह मामला स्थानीय पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।।
