‘देवदूत’ बने डॉ. एम.के. तिवारी, मरीजों को दे रहे नया जीवन राम सुमेर शुक्ला मेडिकल कॉलेज में उमड़ रही भीड़, दूर-दराज़ से पहुंच रहे सैकड़ों मरीज उत्तराखंड-यूपी में गूंजा नाम, गंभीर बीमारियों में भी मिल रही राहत
‘देवदूत’ बने डॉ. एम.के. तिवारी, मरीजों को दे रहे नया जीवन
राम सुमेर शुक्ला मेडिकल कॉलेज में उमड़ रही भीड़, दूर-दराज़ से पहुंच रहे सैकड़ों मरीज
उत्तराखंड-यूपी में गूंजा नाम, गंभीर बीमारियों में भी मिल रही राहत
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर स्थित राम सुमेर शुक्ला मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे प्रख्यात फिजिशियन डॉ. एम.के. तिवारी आज उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में चिकित्सा सेवा का पर्याय बन चुके हैं। अपनी गहन चिकित्सा विशेषज्ञता, वर्षों के अनुभव, अथक परिश्रम और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार के कारण वे मरीजों के बीच “देवदूत” के रूप में सम्मानित हो रहे हैं। उनके प्रति लोगों का विश्वास इस कदर बढ़ चुका है कि दूर-दराज़ के इलाकों से भी मरीज केवल उनके उपचार के भरोसे रुद्रपुर पहुंचते हैं।
मरीजों की पहली पसंद बने डॉ. तिवारी
डॉ. एम.के. तिवारी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके ओपीडी कक्ष के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। हर दिन सैकड़ों की संख्या में मरीज उनकी एक झलक और परामर्श पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर उत्तर प्रदेश के सुदूर गांवों तक, हर वर्ग के लोग उनके पास इलाज के लिए आते हैं।
मरीजों का कहना है कि जहां अन्य अस्पतालों में उन्हें सही निदान और संतोषजनक उपचार नहीं मिल पाता, वहीं डॉ. तिवारी कम समय में बीमारी की जड़ तक पहुंचकर सटीक इलाज करते हैं। उनके द्वारा दिए गए उपचार से मरीजों को शीघ्र राहत मिलती है, जिससे उनका भरोसा दिन-ब-दिन और मजबूत होता जा रहा है।
इलाज ही नहीं, मानसिक संबल भी देते हैं
डॉ. तिवारी की चिकित्सा पद्धति केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मरीजों के मनोबल को भी उतना ही महत्व देते हैं। वे हर मरीज से संवाद स्थापित कर उसकी समस्या को गहराई से समझते हैं और उसे मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित करते हैं। गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उनका आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण नई ऊर्जा प्रदान करता है। कई मरीजों का कहना है कि डॉ. तिवारी से मिलने के बाद उन्हें आधी बीमारी से राहत महसूस होने लगती है। यही मानवीय स्पर्श उन्हें एक असाधारण चिकित्सक बनाता है।
चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल
मेडिकल कॉलेज के भीतर भी डॉ. तिवारी की छवि एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और अत्यंत कुशल चिकित्सक के रूप में स्थापित है। वे अपने कार्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते हैं और समय की पाबंदी के साथ हर मरीज को समान महत्व देते हैं। उनके सहकर्मी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी उनकी कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हैं। वे न केवल एक अच्छे डॉक्टर हैं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व भी हैं, जिनसे युवा चिकित्सक सीख लेते हैं।
मेडिकल कॉलेज की पहचान बने
आज राम सुमेर शुक्ला मेडिकल कॉलेज की पहचान केवल एक संस्थान के रूप में ही नहीं, बल्कि डॉ. तिवारी जैसे समर्पित चिकित्सकों के कारण भी स्थापित हो रही है। उन्होंने अपने कार्यों और सेवा भाव से न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के स्तर को भी सुदृढ़ किया है। उनकी मौजूदगी ने मेडिकल कॉलेज को एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दो राज्यों के मरीजों का अटूट विश्वास
डॉ. तिवारी की ख्याति अब रुद्रपुर तक सीमित नहीं रही है। वे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश—दोनों राज्यों के मरीजों के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुके हैं। बड़ी संख्या में मरीज उत्तर प्रदेश से रुद्रपुर आकर उनका इलाज कराते हैं और स्वस्थ होकर लौटते हैं। कई मरीज उन्हें “भगवान का रूप” मानते हैं और बताते हैं कि जहां उन्हें हर जगह निराशा मिली, वहीं डॉ. तिवारी ने उन्हें जीवनदान दिया उनके उपचार से गंभीर से गंभीर बीमारियों में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है, जो उनकी दक्षता और अनुभव का प्रमाण है।
सरकार से सम्मान और प्रोत्साहन की मांग
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता का मानना है कि ऐसे समर्पित और उत्कृष्ट चिकित्सकों को सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि जो डॉक्टर अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं, उन्हें उच्च पदों, पुरस्कारों और प्रोत्साहनों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि वे और अधिक उत्साह के साथ समाज की सेवा कर सकें और अन्य चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।
वास्तव में, डॉ. एम.के. तिवारी उन विरले चिकित्सकों में शामिल हैं जो अपने पेशे को केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम मानते हैं। उनकी निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट स्थान दिलाता है। वे न केवल मरीजों के लिए एक भरोसेमंद डॉक्टर हैं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत भी हैं, जो यह साबित करते हैं कि सच्ची लगन और सेवा भावना से किसी भी पेशे को महान बनाया जा सकता है।।

