उत्तराखंड की संस्कृति के अपमान पर कड़ा विरोध, कार्रवाई की मांग तेज
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
देहरादून में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी गायक मासूम शर्मा द्वारा मंच से कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा के प्रयोग का मामला सामने आया है, जिसे लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है। इस घटना को उत्तराखंड की सांस्कृतिक गरिमा के खिलाफ बताते हुए शिवांगी गंगवार (प्रदेश अध्यक्ष, कुर्मी महासभा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि जिस मंच पर प्रदेश के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद हों, वहां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उनके अनुसार, उत्तराखंड की पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण से होती है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
यह भी चिंता का विषय बताया गया कि युवाओं और छात्रों के बीच आयोजित कार्यक्रम में इस प्रकार की भाषा का प्रयोग हुआ, जिससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए यदि कोई कलाकार अशोभनीय या धमकी भरी भाषा का सहारा लेता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
कुर्मी महासभा ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने की भी बात कही गई है, ताकि किसी कलाकार को मंच देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और व्यवहार का उचित आकलन किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की जनता अपनी संस्कृति, सम्मान और मर्यादा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और ऐसे मामलों का पुरजोर विरोध जारी रहेगा।।

