रुद्रपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई उड़ान: पंडित राम सुमेर राजकीय मेडिकल कॉलेज इस वर्ष शुरू होने को तैयार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से बढ़ी उम्मीदें
– इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज संचालन शुरू करने के लिए प्रशासन ने तेज की तैयारियां l
– सीनियर रेजिडेंट के रूप में मनोचिकित्सक और पैथोलॉजिस्ट की हुई नियुक्ति l
– जूनियर रेजिडेंट श्रेणी में तीन नए डॉक्टरों का चयन, अगले सप्ताह से संभालेंगे कार्यभार l
– प्राचार्या डॉ. ऊषा रावत का लक्ष्य—हर मरीज को बेहतर और त्वरित सेवा देना ही प्राथमिकता l
– व्यवस्थाएं पटरी पर आते ही खुद गायनी विभाग में ओपीडी में सेवाएं देंगी प्राचार्या l
अभिषेक शर्मा/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। स्थानीय पंडित राम सुमेर राजकीय मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी वर्ष शुरू करने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की जनता को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ।
हालिया भर्ती प्रक्रिया के तहत रिक्त पदों के सापेक्ष विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। कॉलेज को सीनियर रेजिडेंट के तौर पर साइकैट्रिस्ट (मनोचिकित्सक) और पैथोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञ मिल गए हैं।
इसके साथ ही, जूनियर रेजिडेंट श्रेणी में भी तीन नए डॉक्टरों का चयन भी किया गया है , जोकि अगले सप्ताह से कार्यभार ग्रहण करेंगे l जिससे कॉलेज की कार्यक्षमता में इजाफा होगा।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के सफल संचालन होने से न केवल शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों और पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने से निजात मिलेगी। विशेषज्ञों की बढ़ती संख्या और प्रशासन की सक्रियता ने इस वर्ष कॉलेज के सफल संचालन की उम्मीदें जगा दी हैं।
प्राचार्या डॉ. ऊषा रावत का संकल्प: ‘मरीज को बेहतर सेवा देना ही प्राथमिकता’
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ऊषा रावत ने संस्थान को इसी वर्ष सफलतापूर्वक संचालित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य यहाँ आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि मेडिकल कॉलेज केवल एक संस्थान न रहे, बल्कि यहाँ आने वाले हर जरूरतमंद को सम्मान और उत्कृष्ट उपचार मिले। यह हमारी जिम्मेदारी भी है और प्राथमिकता भी।”
व्यवस्थाएं पटरी पर आते ही खुद गायनी विभाग की ओपीडी संभालेंगी प्राचार्या
डॉ. ऊषा रावत ने साफ संकेत दिए है कि वह प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी चिकित्सकीय विशेषज्ञता का लाभ भी मरीजों को देंगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही कॉलेज की व्यवस्थाएं पूरी तरह व्यवस्थित हो जाएंगी, वह भविष्य में स्वयं एक गायनोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) के रूप में सप्ताह में एक दिन ओपीडी में सेवाएं देने का प्रयास करेंगी।।

