एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर/सितारगंज उत्तराखंड में अपराधमुक्त व्यवस्था के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऊधमसिंहनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस ने अंतर्राज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है।
एसओजी रुद्रपुर और कोतवाली सितारगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 08 अप्रैल को चेकिंग अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट की एक स्विफ्ट कार से जा रहे दो संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा। भागने की कोशिश में वाहन कच्चे रास्ते में फंस गया, जिसके बाद दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया।
जम्मू-कश्मीर तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे और जम्मू-कश्मीर तक असलहा भेजते थे। पुलिस को आशंका है कि इनके तार आतंकवादी गतिविधियों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और बैंकिंग ट्रेल के जरिए पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 पोनिया 12 बोर राइफल, 1 रिवॉल्वर, 2 तमंचे समेत कुल 344 कारतूस (जिंदा व खोखा) बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को विधिवत सील कर कब्जे में ले लिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू, निवासी सितारगंज के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे इनके शातिर अपराधी होने की पुष्टि होती है।
नेटवर्क के अन्य सदस्य भी रडार पर
पूछताछ में पुलभट्टा निवासी इन्द्रजीत संधू और पवन संधू का नाम भी सामने आया है, जिनके माध्यम से यह नेटवर्क संचालित हो रहा था। पुलिस ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दबिश तेज कर दी है।
कानूनी कार्रवाई जारी
इस मामले में कोतवाली सितारगंज में आयुध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
SSP का सख्त संदेश
SSP अजय गणपति ने स्पष्ट कहा कि जनपद में अवैध असलहा तस्करी और संगठित अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत ऐसे अपराधियों पर कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।।

