14 स्टोन क्रेशर सीज, 10 करोड़ से अधिक का जुर्माना प्रस्तावित
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
हरिद्वार/लक्सर, 17 मार्च 2026।उत्तराखण्ड सरकार को तहसील लक्सर एवं हरिद्वार क्षेत्र में संचालित स्टोन क्रेशरों द्वारा अवैध खनन और अवैध भण्डारण की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सख्त कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया।
निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म के नेतृत्व में गठित प्रवर्तन दल ने तहसील हरिद्वार के ग्राम बाडीटीप तथा तहसील लक्सर के फतवा, महतौली, मुज्जफरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान उर्फ झीवरहेडी क्षेत्रों में स्थापित कुल 14 स्टोन क्रेशरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सभी में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं।
कार्रवाई के तहत एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 23-सी एवं उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली 2021 के प्रावधानों के अनुसार सभी 14 स्टोन क्रेशरों को मौके पर सीज कर दिया गया। साथ ही संबंधित इकाइयों का ई-रवन्ना पोर्टल भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
प्राथमिक जांच में इन स्टोन क्रेशरों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। संबंधित मामलों में आगे की विधिक कार्रवाई अलग से की जाएगी।
जिन स्टोन क्रेशरों पर कार्रवाई हुई उनमें हाईवे कंस्ट्रक्शन एंड क्रेशर, सिंह स्टोन क्रेशर, किसान स्टोन क्रेशर, शुभ स्टोन क्रेशर, सूर्या स्टोन क्रेशर, तुलसी स्टोन क्रेशर, नेशनल एसोसिएट्स, लिमरा इंडस्ट्रीज, दून स्टोन क्रेशर, गणपति स्टोन क्रेशर, वानिया स्टोन क्रेशर, मां गंगा स्टोन क्रेशर, अलकनंदा स्टोन क्रेशर और एसएस स्टोन क्रेशर शामिल हैं।
इस कार्रवाई में उप निदेशक, खान अधिकारी, जिला खान अधिकारी हरिद्वार सहित मानचित्रकार, खान निरीक्षक, सर्वेक्षक एवं सहायक खनिज प्रवेक्षक सहित विभागीय टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और भण्डारण के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।।

