रुद्रपुर में नकली NCERT किताबों का बड़ा भंडाफोड़, 9–10 करोड़ का जखीरा बरामद
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “नकल माफिया व शिक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई” के निर्देशों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों की संख्या में नकली एनसीईआरटी किताबें बरामद की हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देशन में कोतवाली रुद्रपुर पुलिस ने 14 मार्च 2026 की रात एक कैन्टर (UP37BT0562) को आनंदम रिजॉर्ट के पास रोका। जांच के दौरान वाहन में लदी किताबों के कागजात संदिग्ध पाए गए और ई-वे बिल भी मौजूद नहीं था। पूछताछ में चालक ने किताबों को मेरठ ले जाने की बात कही।
पुलिस की सख्ती के बाद चालक द्वारा बताए गए कीरतपुर कोलड़ा स्थित गोदाम की जांच की गई। मौके पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गोदाम का ताला खुलवाया गया, जहां करीब 9.74 लाख (974085) नकली एनसीईआरटी किताबों का भारी जखीरा बरामद हुआ।
जांच में सामने आया कि इन किताबों में NCERT के नाम और लोगो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। कई किताबों के वॉटरमार्क में “NCERT” की जगह “ACERT” लिखा हुआ मिला, जबकि अधिकांश किताबों में असली वॉटरमार्क ही नहीं था। एनसीईआरटी की टीम ने भी इन किताबों को पूरी तरह फर्जी करार दिया।
बरामद किताबों की अनुमानित कीमत 9 से 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कोतवाली रुद्रपुर में एफआईआर संख्या 132/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गोदाम मालिक राजेश कुमार जैन बताया गया है, जबकि गोदाम संदीप नामक व्यक्ति को किराये पर दिया गया था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
इस कार्रवाई को शिक्षा क्षेत्र में फैल रहे नकली किताबों के कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।।

