ऊधम सिंह नगर

16 किमी पैदल चलकर नेपाल सीमा के अंतिम गांव पहुंचे डीएम मनीष कुमार, जनता के बीच बनाई अलग पहचान

16 किमी पैदल चलकर नेपाल सीमा के अंतिम गांव पहुंचे डीएम मनीष कुमार, जनता के बीच बनाई अलग पहचान

दुर्गम पहाड़ों पर पहुंचकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, बोले- अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही प्रशासन का लक्ष्यसौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

चम्पावत। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जहां कई गांव आज भी सड़क और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं चम्पावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चल रहे ‘जन-जन की सरकार, सेवा पखवाड़ा’ अभियान के तहत उन्होंने शनिवार को विकासखंड बाराकोट के नेपाल सीमा से सटे दूरस्थ गांव सील-बरुड़ी तक पहुंचने के लिए करीब 15 से 16 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा की। दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर गांव पहुंचे जिलाधिकारी ने जन चौपाल और रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।

खराब मौसम और रेड अलर्ट के कारण प्रस्तावित शिविर आयोजित नहीं हो सका था, लेकिन इसके बावजूद जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम के साथ गांव पहुंचकर यह संदेश दिया कि प्रशासन जनता के द्वार तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों से पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

ग्रामीणों ने गांव तक सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने मौके से ही मुख्य अभियंता यूआरआरडीए एस.के. पाठक से वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि 22.4 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए लगभग 23 करोड़ रुपये की डीपीआर भारत सरकार को भेजी जा चुकी है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

निरीक्षण के दौरान ‘ज्ञान सेतु’ सहित अन्य विकास कार्यों का सत्यापन किया गया। समाज कल्याण विभाग ने चार दिव्यांग लाभार्थियों को निःशुल्क श्रवण यंत्र वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 55 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा 30 लोगों की शुगर और रक्तचाप की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया इसके बाद जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की। रात्रि चौपाल में किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड और विद्युत पोल से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

सादगी और कार्यशैली की हो रही चर्चा

चम्पावत में जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे आम नागरिकों से पूरी सादगी और आत्मीयता से मिलते हैं। उनसे मिलने वाले लोगों को औपचारिकता का अहसास नहीं होता, बल्कि वे सहज होकर अपनी बात रख पाते हैं। यही कारण है कि सीमांत गांवों से लेकर शहर तक उनकी कार्यशैली की सराहना की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जब जिले का सर्वोच्च अधिकारी स्वयं कठिन पहाड़ चढ़कर गांव तक पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुने, तो इससे प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होता है। लोगों को उम्मीद है कि उनके लगातार क्षेत्रीय दौरों से सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जन-जन की सरकार’ अभियान को धरातल पर उतारने में जिलाधिकारी मनीष कुमार की सक्रिय भूमिका को प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का उनका प्रयास चम्पावत में सुशासन का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।।

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