दिशा-निर्देश बोर्ड पर फ्लेक्सों का कब्जा, नहीं हटीं जन्मदिन की बधाई होर्डिंग
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रूद्रपुर। शहर में सार्वजनिक दिशा-निर्देश बोर्डों पर अवैध रूप से लगाए गए फ्लेक्स और बैनरों का कब्जा लगातार बना हुआ है। ताजा मामला तिलक राज बेहड़ के जन्मदिन पर लगाए गए फ्लेक्स और होर्डिंग्स से जुड़ा है, जो कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी अब तक नहीं हटाए गए हैं। इससे न केवल शहर की सौंदर्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, शहर के प्रमुख चौराहों, व्यस्त सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे दिशा-निर्देश बोर्ड पूरी तरह फ्लेक्स और बैनरों से ढके हुए हैं। इन बोर्डों का उद्देश्य राहगीरों और वाहन चालकों को सही दिशा की जानकारी देना होता है, लेकिन फ्लेक्सी लगने के कारण यह जानकारी पूरी तरह छिप गई है। इससे खासकर बाहरी लोगों और नए चालकों को रास्ता ढूंढने में कठिनाई हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर बड़े कार्यक्रम, राजनीतिक आयोजन या जन्मदिन के मौके पर इसी तरह से शहर के सार्वजनिक स्थानों पर फ्लेक्स लगा दिए जाते हैं, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद इन्हें हटाने की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। परिणामस्वरूप ये फ्लेक्स कई दिनों, बल्कि कई बार हफ्तों तक लगे रहते हैं।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि दिशा-निर्देश बोर्डों का इस तरह ढका होना सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। गलत दिशा में मुड़ना, अचानक ब्रेक लगाना या रास्ता खोजने के दौरान ध्यान भटकना—ये सभी कारण दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ाते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह समय रहते कार्रवाई करे।
नियमों के अनुसार, किसी भी प्रकार की अस्थायी प्रचार सामग्री को निर्धारित समय सीमा के भीतर हटाना अनिवार्य होता है। इसके लिए स्थानीय निकाय और प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। बावजूद इसके, इन नियमों का पालन न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से लगाए गए फ्लेक्स और होर्डिंग्स को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिम्मेदार व्यक्तियों और संगठनों पर जुर्माना लगाने की भी मांग उठ रही है, ताकि इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके फिलहाल यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है या फिर शहर के दिशा-निर्देश बोर्ड इसी तरह फ्लेक्स के कब्जे में बने रहेंगे।।

