ऊधम सिंह नगर

“कम पानी की आदत ने बना दिया मुंह को मौत का जाल!” — डॉ. केदार सिंह शाही ने 2 सेंटीमीटर की खतरनाक पथरी निकाल बचाई महिला की जान

“कम पानी की आदत ने बना दिया मुंह को मौत का जाल!” — डॉ. केदार सिंह शाही ने 2 सेंटीमीटर की खतरनाक पथरी निकाल बचाई महिला की जान

– कम पानी की लापरवाही बनी असहनीय दर्द की वजह

– जबड़े के नीचे लार ग्रंथि में मिली 2 और डेढ़ सेंटीमीटर की पथरियां

– डॉ. केदार सिंह शाही की अगुवाई में एक घंटे चली जटिल शल्यक्रिया

– समय पर इलाज न मिलता तो संक्रमण बन सकता था जानलेवा खतरा

– पर्याप्त पानी, मुंह की स्वच्छता और सतर्कता ही बचाव का रास्ता

अभिषेक शर्मा

अगर आप भी पर्याप्त मात्रा में अपने शरीर को पानी नहीं दे रहे हैं तो यह खबर आपको बेहद सावधान करने वाली है l एक ऐसा ही मामला रुद्रपुर स्थित पंडित राम सुमेर राजकीय मेडिकल कॉलेज में सामने आया है।

मंगलवार को पिथौरागढ़ निवासी एक 40 वर्षीय महिला मुंह में असहनीय दर्द की शिकायत लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची l जब महिला की चिकित्सकीय जांच कराई गई तो पता चला महिला के जबड़े के नीचे लार ग्रंथि में 2 और डेढ़ सेंटीमीटर की पथरियां बनी हुई थी l जिस पर तत्काल महिला को तत्काल ऑपरेशन करने की सलाह दी गई जिस पर परिजनों ने हामी भरी और महिला का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।

पंडित राम सुमेर राजकीय मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. केदार सिंह शाही ने बताया कि पिथौरागढ़ निवासी एक 40 वर्षीय महिला लंबे समय से जबड़े के नीचे असहनीय दर्द और सूजन से परेशान थी। भोजन करते ही दर्द कई गुना बढ़ जाता था। शुरुआत में उसने इसे सामान्य दांत दर्द समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति इतनी गंभीर होती चली गई।

जब महिला इलाज के लिए यहां पहुंची तो जांच कराई गई जिसमें सामने आया महिला की अधोहनु लार ग्रंथि (सबमंडीबुलर ग्रंथि) की नली में दो बड़ी पथरियां फंसी हुई थीं। एक का आकार लगभग 2 सेंटीमीटर और दूसरी करीब डेढ़ सेंटीमीटर था। जिसके चलते महिला की लार का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो चुका था, जिससे सूजन और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा था।

उन्होंने बताया कि इंट्रा ओरल एक्सप्लोरेशन विधि से करीब एक घंटे के अंदर इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक किया गया l उन्होंने बताया कि जबड़े के अंदर नसों और रक्त वाहिनियों का जाल बेहद संवेदनशील होता है। थोड़ी सी चूक से स्थायी नुकसान हो सकता था। लेकिन सावधानीपूर्वक दोनों पथरियों को निकाल दिया गया है l उपचार के 1 दिन बाद महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया l

मुंह में पथरी होने के कारण

– कम पानी पीना, जिससे लार गाढ़ी हो जाती है l

– मुंह की स्वच्छता में कमी और बार-बार सूजन रहना।

– कुछ दवाओं का लगातार सेवन, जिससे लार का स्राव कम होना।

– लंबे समय तक लार ग्रंथि में बाधित प्रवाह।

– धूम्रपान या शराब जैसी आदतें।

मुंह में पथरी से बचाव के उपाय

– प्रतिदिन कम से कम 8–10 गिलास पानी पीएं, ताकि लार गाढ़ी न हो।

– मुंह की नियमित सफाई करें और दांतों का समय-समय पर परीक्षण कराएं।

– संतुलित आहार लें और खट्टे फलों का सीमित सेवन करें, जिससे लार का प्रवाह बना रहे।

– लार ग्रंथियों में लगातार सूजन या दर्द होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।

– समय-समय पर दांत और मसूड़ों की जांच करवाना जरूरी है।

— मरीज में पथरियां इतनी बड़ी थीं कि नसों के बीच फंसी हुई थीं। ऑपरेशन में किसी भी छोटी चूक से स्थायी नुकसान या जानलेवा संक्रमण हो सकता था। यह घटना एक चेतावनी है कि कम पानी पीने और शरीर की लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में जागरूकता, समय पर जांच और सही चिकित्सकीय हस्तक्षेप अत्यंत जरूरी है।।

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