ऊधम सिंह नगर

हेरिटेज चिल्ड्रन एकेडमी में कार्यशाला का आयोजन किया गया

सुरज पाल/टुडे हिन्दुस्तान 

हेरिटेज चिल्ड्रन एकेडमी में सीबीएसई द्वारा आयोजित विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने पर शिक्षकों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षकों ने वर्कशॉप में सकारात्मक प्रतिभाग करते हुए इसे सफल बनाया। रिसोर्स पर्सन्स, स्कूल प्रबंधक मनोज कुमार पांडे, प्रधानाचार्या डॉ रीना दुबे और कॉर्डिनेटर एल आर कुशवाहा ने सामूहिक रूप से कार्यशाला के आयोजन से पूर्व परंपरागत तरह से विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर शुभारंभ किया

सीबीएसई की तरफ नियुक्त किए गए कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन रितुपर्णा सेन गुप्ता तथा डॉ हेमंत झा ने इस कार्यशाला में विद्यार्थियों की शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ उनकी भावनात्मक भलाई को प्राथमिकता देने के महत्व पर जोर देते हुए शिक्षकों को अपनी शिक्षण प्रणाली में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षकों ने सभी प्रशिक्षक शिक्षकों की शिक्षण रणनीतियों को सरल और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर उन्हें प्रशिक्षित किया। जैसे कि -तनाव, चिंता और वर्क आउट के शुरुआती लक्षणों की पहचान करना, आंतरिक संकोच को तोड़ने के लिए खुली बातचीत को प्रोत्साहित करना, छात्रों में लचीलापन और मुकाबला करने के कौशल को बढ़ावा देना, सहकर्मी सहायता नेटवर्क और छात्र नेतृत्व वाले पहलुओं को बढ़ावा देना, ध्यान और विश्राम को शामिल करना, स्क्रीन टाइम और डिजिटल वेलनेस के बीच संतुलन बनाए रखना, छात्रों की भलाई के लिए शिक्षकों की भलाई को आधार बनाना। इस संवादात्मक सत्र ने शिक्षकों को सुरक्षित, सहायक और खुशहाल कक्षाएं बनाने के लिए व्यावहारिक रणनीति अपनाने में सक्षम बनाया।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ रीना दुबे जी ने कहा कि आज के समय में एकेडमिक ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों का मानसिक एवं भावनात्मक विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऐसी कार्यशाला शिक्षकों को नई सोच और नवीन शिक्षण पद्धतियों से जोड़ती हैं।

विद्यालय के प्रबंधक श्रीमान मनोज पांडेय जी ने सीबीएसई द्वारा आयोजित इस उपयोगी कार्यशाला के लिए सभी शिक्षकों और रिसोर्स पर्सन्स का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सतत प्रशिक्षण ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। सत्र का समापन इस बात पर बल देते हुए हुआ कि सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत आवश्यक है।

कार्यशाला के सफल आयोजन में विद्यालय के कोऑर्डिनेटर एल आर कुशवाहा, एचएम दीपांकर सिंह, विनोद कुमार, नीरज सक्सेना और रोहित चंदन का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं व्यवहारिक बताया तथा इसे अपनी दैनिक शिक्षण प्रक्रिया में अपनाने का संकल्प लिया। इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक हैं और विद्यालय में सकारात्मक एवं आनंदपूर्ण शैक्षिक वातावरण सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।।

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