“ विपक्ष के महानगर का ‘गायब नेता’—न पद बचा, न समर्थन… पर ठेकेदारी का आत्मविश्वास अब भी 100%” – नेताजी ने अपने कार्यकाल में निष्ठावान तरीके से विपक्ष की भूमिका ऐसी निभाई पूरा विपक्ष ही निपटा दिया – चुनाव के दौरान पार्षदों को तो टिकट ऐसे बांटे जैसे सरकारी राशन की हो दुकान – नेता जी को पद की लड़ाई से ज्यादा तो उनको पत्थर की लड़ाई पड़ी थी भारी
“ विपक्ष के महानगर का ‘गायब नेता’—न पद बचा, न समर्थन… पर ठेकेदारी का आत्मविश्वास अब भी 100%” – नेताजी
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