चुनावी मतभेद को हिंसा का रूप देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ : शिवांगी गंगवार
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
किच्छा। किच्छा नगरपालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम परिसर में जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट और विवाद की घटना पर अधिवक्ता शिवांगी गंगवार, प्रदेश अध्यक्ष कुर्मी महासभा ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है और चुनावी प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की अपेक्षा की जाती है।
शिवांगी गंगवार ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है। अलग-अलग विचारधाराएं और नीतियां लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती हैं, लेकिन राजनीतिक मतभेद व्यक्तिगत मनभेद में नहीं बदलने चाहिए। किसी भी परिस्थिति में विवाद को हिंसा का रूप नहीं लेना चाहिए चुनावी प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया की गरिमा सर्वोपरि रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को सम्मान, विश्वास और उम्मीद के साथ चुनती है। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण भी समाज के लिए एक उदाहरण होता है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हर परिस्थिति में संयम, शालीनता और धैर्य का परिचय देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम किसी के पक्ष में हो सकता है और किसी के विपक्ष में, लेकिन चुनाव के बाद समाज को एक साथ आगे बढ़ना होता है। चुनाव में कोई जीते या कोई हारे, लेकिन देश, समाज और लोकतंत्र नहीं हारना चाहिए। सत्ता और पद स्थायी नहीं होते, जबकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और जनता का विश्वास लंबे समय तक कायम रहता है।
शिवांगी गंगवार ने कहा कि स्ट्रांग रूम जैसे संवेदनशील स्थान पर विवाद और मारपीट की घटना चुनावी प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के बीच भी सवाल खड़े कर सकती है। ऐसे मामलों में आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना आवश्यक है। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आएं और उसी के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने तथा वास्तविक तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। साथ ही भविष्य में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान और चुनाव परिणाम तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच आपसी सम्मान, भाईचारा और लोकतांत्रिक संवाद की भावना जरूरी है। राजनीतिक असहमति को लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए।
शिवांगी गंगवार ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद समाज में आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बना रहना चाहिए। किसी भी चुनावी विवाद को व्यक्तिगत संघर्ष का रूप नहीं लेने दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक पक्षों से संयम बरतने और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की असली जीत तब है, जब चुनाव परिणाम चाहे जो हो, अंत में जनता का विश्वास, आपसी भाईचारा और लोकतांत्रिक मर्यादा कायम रहे राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं हो सकती।”

