26 साल से न्याय की जंग: 47 आदेशों के बावजूद महेश मित्रा को नहीं मिला भूखंड का कब्जा
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के खिलाफ व्यवसायी महेश मित्रा पिछले करीब 26 वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि 47 से अधिक न्यायिक आदेशों के बावजूद उन्हें आज तक औद्योगिक भूखंड का वास्तविक कब्जा और पंजीकृत लीज डीड नहीं मिल सकी है।
मित्रा के अनुसार, 30 मई 2014 को NCDRC ने GNIDA को उनके मूल आवेदन और परियोजना रिपोर्ट के अनुसार 500 से 2,500 वर्गमीटर तक का औद्योगिक भूखंड तीन माह में आवंटित करने का आदेश दिया था। उनका कहना है कि आदेश के बावजूद प्राधिकरण ने वास्तविक अनुपालन नहीं किया।
मित्रा का आरोप है कि बाद की निष्पादन कार्यवाही में 1,000 वर्गमीटर के आवंटन और GNIDA के “Without Prejudice” पत्र को डिक्री का अनुपालन मान लिया गया, जबकि वास्तविक कब्जे और पंजीकृत दस्तावेजों की पुष्टि नहीं की गई।
उन्होंने 20 जून 2024 के निष्पादन आदेश और 2 मई 2025 के राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश को भी चुनौती दी है। उनका आरोप है कि मामले में महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों को नजरअंदाज किया गया तथा उन्हें उचित सुनवाई का अवसर नहीं मिला।
महेश मित्रा ने कहा कि लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ व्यापारिक अवसरों का भी नुकसान हुआ है। अब उन्होंने मामले में प्रो बोनो (निःशुल्क) कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
महेश मित्रा: 8800298757
ईमेल: mmitra086@gmail.com

