ऊधम सिंह नगर

जन्मदिन विशेष: क्या शिव अरोरा के कार्यकाल में बदली रुद्रपुर की तस्वीर?

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान रुद्रपुर विधायक सीए शिव अरोरा आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। राजनीति में उनका सफर जितना चर्चा में रहा, उतना ही उनके विधायक बनने के बाद रुद्रपुर में शुरू हुई विकास योजनाएं भी सुर्खियों में रहीं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें दोबारा मौका देगी या नहीं, इसका फैसला भविष्य करेगा, लेकिन उनके अब तक के कार्यकाल का मूल्यांकन किया जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा कि रुद्रपुर में कई बड़े विकास कार्यों की मजबूत नींव इसी दौरान रखी गई।

विपक्ष लगातार विधायक के कामकाज पर सवाल उठाता रहा है, लेकिन यदि केवल स्वीकृत और धरातल पर उतर रही परियोजनाओं पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है। शहर को केवल सड़क और नाली तक सीमित रखने के बजाय कई ऐसी योजनाओं को गति मिली, जिनका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई देगा।इनमें सबसे महत्वपूर्ण रिंग रोड परियोजना है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम से जूझ रहे रुद्रपुर के लिए यह परियोजना गेम चेंजर मानी जा रही है। इसके शुरू होने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में त्रिशूल चौक से अटरिया रोड तक नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण को मिली मंजूरी भी शहर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह मार्ग रुद्रपुर का सबसे व्यस्त हिस्सा है और इसके चौड़ा होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

काशीपुर बायपास रोड का विस्तार, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, नैनीताल रोड पर प्रवेश द्वार, पार्किंग सुविधाओं का विकास और शहर के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण जैसी कई योजनाएं भी इसी कार्यकाल में आगे बढ़ीं। खास बात यह है कि जलभराव जैसी पुरानी समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज परियोजना को स्वीकृति मिलना शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रुद्रपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने की संभावना भी लगातार मजबूत हो रही है। यदि यह परियोजना समय पर शुरू होती है तो यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी, बल्कि प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराएगी। इसे इस कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा सकता है।इसके अलावा नई तहसील भवन, कलेक्ट्रेट परिसर का विकास, गांधी पार्क, त्रिशूल चौक और डमरू चौक का सौंदर्यीकरण, कलेक्ट्रेट और सिडकुल क्षेत्र में फुटओवर ब्रिज तथा अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाएं भी इसी कार्यकाल में आगे बढ़ीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि रुद्रपुर को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है।

राजनीतिक रूप से भी शिव अरोरा का सफर आसान नहीं रहा। जिला अध्यक्ष से विधायक बनने तक उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा का टिकट हासिल करने से लेकर 20 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने तक उनका राजनीतिक सफर चर्चा का विषय बना रहा। अब 2027 के चुनाव से पहले एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं और विरोधी उन्हें घेरने की रणनीति बना रहे हैं।फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि रुद्रपुर में जिन बड़े विकास कार्यों की चर्चा आज हो रही है, उनमें शिव अरोरा की सक्रिय पैरवी और सरकार से लगातार समन्वय की भूमिका को उनके समर्थक प्रमुख कारण मानते हैं। दूसरी ओर विपक्ष इन उपलब्धियों का श्रेय सरकार की नीतियों को देता है।अंततः जनता का फैसला ही सबसे महत्वपूर्ण होगा। लेकिन अब तक के कार्यकाल पर नजर डालें तो रुद्रपुर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नई विकास योजनाएं और शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए प्रयास इस कार्यकाल की पहचान बनते दिखाई देते हैं।।

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