एसएसपी अजय गणपति की सख्ती से फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए हथियार रखने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, रायफल, जिंदा कारतूस, कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करने के लिए जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एसओजी काशीपुर, रुद्रपुर और कोतवाली कुण्डा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की।
पुलिस जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कुछ लोग बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर अवैध रूप से हथियार रख रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने स्वयं संज्ञान लेते हुए विशेष टीमों का गठन किया और त्वरित जांच के निर्देश दिए जांच के दौरान संदिग्ध लाइसेंसों का सत्यापन जिलाधिकारी कार्यालय तरनतारण (पंजाब) से कराया गया। वहां से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि संबंधित शस्त्र लाइसेंस उनके कार्यालय द्वारा जारी नहीं किए गए थे तथा लाइसेंस नंबर भी अभिलेखों में दर्ज नहीं थे। साथ ही लाइसेंसों के नवीनीकरण और शस्त्र जमा कराने संबंधी कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिला।
पुलिस ने मामले में एफआईआर संख्या 150/2026 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में जुटी पुलिस टीम ने पंजाब जाकर साक्ष्य एकत्र किए, जिसके आधार पर दो आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम छिनकी निवासी 31 वर्षीय अजय सिंह तथा ग्राम भरतपुर निवासी 40 वर्षीय अनूप सिंह शामिल हैं। पूछताछ में दोनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों का निवासी दर्शाकर शस्त्र लाइसेंस तैयार कराने और उन्हीं के आधार पर हथियार खरीदने की बात स्वीकार की।
बरामदगी में दो पिस्टल, दो रायफल, 16 जिंदा कारतूस, दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस तथा मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में फर्जी शस्त्र लाइसेंस, अवैध हथियारों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।।

