ऊधम सिंह नगर

विश्व पर्यावरण दिवस पर संत निरंकारी मिशन का स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस पर संत निरंकारी मिशन का स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशसौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

काशीपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा से व्यापक स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया। संयुक्त राष्ट्र की थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ के अनुरूप आयोजित इस अभियान के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति परमात्मा की अनुपम देन है और इसका संरक्षण मानवता का आध्यात्मिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य प्रकृति में परमात्मा का स्वरूप देखता है, तब उसका संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव बन जाता है।
नैनीताल के फ्लैट मैदान, तल्लीताल, मल्लीताल, नैना देवी मंदिर, स्नो व्यू पॉइंट, सुखाताल और राजभवन मार्ग सहित विभिन्न प्रमुख स्थलों पर हजारों स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। युवा स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों तथा स्वच्छ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया।
भारी वर्षा और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सेवादारों ने उत्साह और सेवा-भाव के साथ अभियान को सफल बनाया। काशीपुर शाखा से भी करीब 50 सेवादारों ने नैनीताल पहुंचकर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, अधिशासी अधिकारी रोहतास शर्मा एवं दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य ने किया। इस अवसर पर देशभर के विभिन्न पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
मिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल आसपास के वातावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि विचारों, संस्कारों और चेतना की स्वच्छता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्मल सोच ही एक संतुलित, शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण समाज की आधारशिला है।
कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।।

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