चंपावत में आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन सख्त, नदी कटाव रोकने के लिए चैनलाइजेशन के निर्देश
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चंपावत। जनपद में आपदा जोखिम को कम करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में टनकपुर, अमोड़ी समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में नदी कटाव और जलभराव की समस्या पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में शारदा नदी के गैण्डाखाली, किरोड़ा नाला और अमोड़ी-नौलापानी क्षेत्रों में मानसून से पहले ट्रेंचिंग और चैनलाइजेशन कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि इन इलाकों में नदी का जलस्तर और तल ऊँचा होने से कई गांवों और परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है।
गैण्डाखाली और खेतखेड़ा क्षेत्र में करीब 50 परिवार, जबकि बिलौना-बेलखेत क्षेत्र में लगभग 50 परिवार नदी कटाव के जोखिम में हैं। वहीं अमोड़ी क्षेत्र में क्वैराला नदी से 19 परिवारों और एक राजकीय महाविद्यालय पर खतरा बताया गया है। किरोड़ा नाला में मलबा जमा होने से टनकपुर के कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हेलागोठ क्षेत्र में जलनिकासी सुधारने के लिए भी चैनलाइजेशन कार्य कराया जाएगा।
बैठक में शारदा रिवर फ्रंट परियोजना के तहत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और दोहराव को लेकर भी जांच के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि मानसून से पहले सभी कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए बैठक में उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, पुलिस उपाधीक्षक वंदना वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।।

