जिलाधिकारी मनीष कुमार के प्रयासों से चम्पावत में शुरू हुई कमर्शियल पैराग्लाइडिंग, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से साहसिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चम्पावत। उत्तराखंड के सीमांत जनपद चम्पावत में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कमर्शियल पैराग्लाइडिंग सेवा का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई गतिविधि से न केवल जिले के पर्यटन मानचित्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
चम्पावत साहसिक पर्यटन एवं परिवहन सहकारी संघ के तत्वावधान में शुरू की गई यह सेवा कोली ढेक झील के समीप स्थित बानासुर किले क्षेत्र में संचालित की जा रही है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र लंबे समय से साहसिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता रहा है, और अब पैराग्लाइडिंग की शुरुआत से यहां पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
संघ की अध्यक्ष ज्योति भंडारी और सचिव आशीष कोहली के नेतृत्व में इस परियोजना को मूर्त रूप दिया गया है। वहीं, पूर्व वायुसेना अधिकारी अमित परमार का मार्गदर्शन इस पहल को तकनीकी और सुरक्षा दृष्टि से सशक्त बना रहा है।पैराग्लाइडिंग संचालन के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी पायलटों की टीम तैनात की गई है। इसमें टेंडम पायलट मयंक उप्रेती के साथ सोलो पायलट प्रियांशु पवार, निखिल राणा, गौतम पवार और शीतल ठाकुर शामिल हैं, जो पर्यटकों को सुरक्षित और रोमांचक अनुभव प्रदान करेंगे पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 2026 तक जॉय राइड पर विशेष छूट दी जा रही है। इसके पश्चात भी यह सेवा नियमित रूप से जारी रहेगी, जिससे वर्षभर पर्यटक इस रोमांचक गतिविधि का आनंद ले सकेंगे।
इस पूरी पहल को सफल बनाने में जिलाधिकारी मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन, सक्रिय सहयोग और दूरदर्शी सोच के चलते इस परियोजना को धरातल पर उतारने में तेजी आई है।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीतियों और प्रोत्साहन ने भी इस पहल को गति प्रदान की है।
जिलाधिकारी द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रशासन और स्थानीय संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है।
कमर्शियल पैराग्लाइडिंग की शुरुआत से चम्पावत को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने और युवाओं के पलायन को रोकने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है।।

