उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन सख्त, तय सीमा से अधिक बिक्री पर होगी कार्रवाई
उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन सख्त, तय सीमा से अधिक बिक्री पर होगी कार्रवाई
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। जनपद ऊधमसिंहनगर में यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वी.के.एस. यादव ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में सभी उर्वरक आपूर्तिकर्ता संस्थाओं, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं, सहकारी समितियों और गन्ना सहकारी समितियों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार और कृषि निदेशालय उत्तराखण्ड द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन उर्वरक वितरण की समीक्षा करने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में जनपद स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
निर्देशों के अनुसार अब एक कृषक को अधिकतम 5 बैग यूरिया और 3 बैग डीएपी/एनपीके ही उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि किसी किसान को कृषि भूमि के आधार पर इससे अधिक उर्वरक की आवश्यकता होगी तो उसे संबंधित कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी से अनुमति लेनी होगी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उर्वरक वितरण के समय किसान के आधार कार्ड का खतौनी में दर्ज नाम से मिलान अनिवार्य होगा। साथ ही विक्रेताओं को पीओएस मशीन पर आधार संख्या दर्ज कर यह भी देखना होगा कि संबंधित किसान ने सीजन में कितना और कौन-कौन सा उर्वरक पहले ही प्राप्त किया है।
मुख्य कृषि अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन शाम 8 बजे तक उर्वरक खरीदने वाले किसानों की सूची एवं वितरित उर्वरकों का पूरा विवरण कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके और सिंगल सुपर फॉस्फेट की जानकारी भी शामिल होगी उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं एवं संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।।

