नए शिक्षा सत्र से पहले निजी विद्यालयों को सख्त निर्देश, RTE प्रवेश और सुरक्षा मानकों पर जोर
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में जिला सभागार में जनपद के निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नए शिक्षा सत्र से पहले शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (RTE) के तहत पात्र निर्धन बच्चों को मानकों के अनुरूप अनिवार्य प्रवेश देने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों की मान्यता और नवीनीकरण प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रवेश शुल्क और शिक्षण शुल्क से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन हर हाल में किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के गणवेश में बार-बार बदलाव न किया जाए और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डाला जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शिक्षकों, कर्मचारियों और वाहन चालकों/परिचालकों का पुलिस सत्यापन कराने, तथा विद्यालय परिसरों और आसपास की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने को कहा गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन के तहत बुक बैंक की स्थापना करने के निर्देश भी दिए गए।
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने विद्यालयों में आने-जाने वाले वाहनों की निगरानी, एंटी-ड्रग्स जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनिवार्यता पर विस्तार से जानकारी देते हुए महिला कंडक्टर की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा ने छात्रों के साथ किसी भी प्रकार के उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य बताया।
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम, डीके साहू, हरिवाब निरंजन, सतेन्द्र यादव, जिला समन्वयक हिमांशु कुमार चौहान सहित कई विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक उपस्थित रहे।।

