ऊधम सिंह नगर

जिला पंचायत सदस्यों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 8 प्रमुख मांगों के शीघ्र निस्तारण की उठाई मांग

जिला पंचायत सदस्यों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 8 प्रमुख मांगों के शीघ्र निस्तारण की उठाई मांग

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के जिला पंचायत सदस्यों ने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों, विकास कार्यों एवं स्थानीय स्वशासन को मजबूत बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर के माध्यम से प्रेषित किया है। ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से पंचायत व्यवस्था को अधिक सशक्त और जवाबदेह बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। ज्ञापन में कहा गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से कार्य कर रही है। इसी विश्वास के साथ प्रदेशभर के जिला पंचायत सदस्य अपनी समस्याओं एवं मांगों को सरकार के समक्ष रख रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका अत्यंत अहम होती है, लेकिन लंबे समय से कई महत्वपूर्ण विषय लंबित पड़े हुए हैं।जिला पंचायत सदस्यों ने अपनी पहली प्रमुख मांग में उत्तराखंड में जिला योजना समिति के चुनाव शीघ्र कराए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि जिला योजना समिति के गठन में हो रही देरी के कारण विकास योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं इसके साथ ही सदस्यों ने मांग की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला नियोजन समिति में पारित प्रस्तावों की पुनः समीक्षा जिला योजना समिति के गठन के बाद कराई जाए, ताकि जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा सके।

ज्ञापन में पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण मांग उठाई गई है। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि पंचायतों में आरक्षण परिवर्तन की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष की जानी चाहिए उनका तर्क है कि कम समय में आरक्षण परिवर्तन होने से जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास योजनाओं को लागू करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता सदस्यों ने 73वें संविधान संशोधन के अंतर्गत पंचायतों को दिए गए 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग भी उठाई उनका कहना है कि जब तक पंचायतों को पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारियां नहीं मिलेंगी, तब तक वास्तविक विकेंद्रीकरण संभव नहीं हो सकेगा।ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। जिला पंचायत सदस्यों ने पंचायत कल्याण कोष की स्थापना किए जाने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसके परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान होना चाहिए इसके अलावा जिला योजना में कोटेशन के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों की वर्तमान सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने की मांग भी रखी गई सदस्यों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और निर्माण लागत को देखते हुए वर्तमान सीमा बहुत कम है, जिससे विकास कार्यों के संचालन में कठिनाई होती है।

जिला पंचायत सदस्यों ने अपना मानदेय बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान मानदेय उनकी जिम्मेदारियों और क्षेत्रीय कार्यों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र में जनसमस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें ज्ञापन में विधायक निधि की तर्ज पर प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग से जिला पंचायत निधि का प्रावधान किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई सदस्यों का कहना है कि यदि उन्हें अलग निधि उपलब्ध कराई जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण विकास कार्य तेजी से कराए जा सकेंगे।

जिला पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो जिला पंचायत प्रदेश संगठन लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायतों के हितों की अनदेखी होने की स्थिति में संगठन माननीय उच्च न्यायालय की शरण भी ले सकता है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार, पंचायतीराज सचिव तथा पंचायतीराज निदेशक को भी भेजी गई है। पंचायत प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।।

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