हुड्डी नदी के जलभराव से राहत के लिए बड़ा कदम, डीएम मनीष कुमार की अध्यक्षता में अहम निर्णय
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चम्पावत। बरसात के दौरान हुड्डी नदी से होने वाले जलभराव और बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हुड्डी नदी में जलभराव होने पर पानी वन एवं राजस्व क्षेत्रों से होते हुए बड़े इलाके में फैल जाता है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में बरसात के दौरान लगभग 34,990 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया जाता है। इसके चलते आनंदपुर, देवपुरा और पचपखरिया क्षेत्रों में भू-कटाव के साथ कृषि भूमि, मकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है। इस समस्या से करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित होती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रभावित क्षेत्र में रिवर ड्रेसिंग और चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाए। प्रशासन का मानना है कि इस कार्य से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी।
इसके अलावा यह भी तय किया गया कि वन क्षेत्र में मौजूद मलबे का व्यावसायिक उपयोग या विक्रय नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे केवल नदी के चैनलाइजेशन कार्य में ही इस्तेमाल किया जाएगा। यह कार्य सिंचाई एवं वन विभाग द्वारा खनन नीति और आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागड़ी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती सहित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्य का समर्थन किया।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों का शीघ्र सर्वे कराया जाए और विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि आगामी वर्षा ऋतु से पहले प्रभावी कदम उठाए जा सकें।।

