ऊधम सिंह नगर

रोजेदार से मारपीट मामले में कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर उठे – मुस्लिम वोटों पर राजनीति करने वाले नेता हुए खामोश

रोजेदार से मारपीट मामले में कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर उठे 

– मुस्लिम वोटों पर राजनीति करने वाले नेता हुए खामोश

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

रूद्रपुर। नमाज़ पढ़ रहे एक बुजुर्ग के साथ हुई अमानवीय मारपीट की घटना के बाद जहाँ मुस्लिम समाज और कौमी एकता की सोच रखने वालों में उबाल है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व की खामोशी अब सवालों के घेरे में है। हैरत की बात यह है कि जो कांग्रेस नेता हर छोटे-बड़े मुद्दे पर सरकार को घेरने का दावा करते हैं, वे इतनी बड़ी सांप्रदायिक और मानवीय घटना पर ‘सांप सूंघ जाने’ जैसी स्थिति में क्यों हैं? जनता अब यह पूछ रही है कि क्या ये चुप्पी किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है या फिर केवल चुनावी नफा-नुकसान का डर। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, महानगर अध्यक्ष ममता रानी और पूर्व नगर अध्यक्ष सीपी शर्मा विधायक का चुनाव लड़ चुकी मीना शर्मा और मेयर का चुनाव लड़ चुके मोहन खेड़ा जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से कोई कड़ा आधिकारिक बयान नहीं आना चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक निर्दाेष बुजुर्ग को सरेआम पीटा जा रहा था और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई, तब इन नेताओं का आगे न आना इनके ‘सेकुलर’ दावों की पोल खोलता है।इस पूरे प्रकरण में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की भूमिका सबसे अधिक चर्चा में है। चर्चा है कि ठुकराल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस से टिकट की दावेदारी पुख्ता कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान घटनाक्रम पर उनकी चुप्पी ने उनके भावी समर्थकों को भी हैरत में डाल दिया है। एक तरफ भाजपा के पूर्व पालिका अध्यक्ष और दूसरी तरफ कांग्रेस के ये तमाम दिग्गज नेता; दोनों ही पक्षों के मौन ने यह साबित कर दिया है कि जनभावनाओं से ज्यादा नेताओं को अपने वोट बैंक की चिंता है। प्रशासन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन रुद्रपुर की जागरूक जनता अब इन नेताओं से उनके नैतिक स्टैंड पर जवाब मांग रही है।।

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