ऊधम सिंह नगर

“मौत के सामने भी उम्मीद की किरण बने डॉ. केदार सिंह शाही : 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को दिया नया जीवनदान , मानवता की अमूल्य मिसाल”

“मौत के सामने भी उम्मीद की किरण बने डॉ. केदार सिंह शाही : 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को दिया नया जीवनदान , मानवता की अमूल्य मिसाल”

– 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला लंबे समय से पेट में असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। कई अस्पतालों में इलाज के बावजूद राहत नहीं मिली।

– निजी अस्पतालों में राहत न मिलने पर डॉ. केदार सिंह शाही बने अंतिम उम्मीद

– देर रात भी डॉक्टर ने स्टाफ को मार्गदर्शन देते हुए महिला को भर्ती कराया

– दो घंटे तक चले जोखिमपूर्ण ऑपरेशन से बुजुर्ग महिला को जीवनदान मिला

– डॉ. शाही की पूर्ण कर्तव्य निष्ठा ने दिया मानवता का परिचय

अभिषेक शर्मा 

धरती पर भगवान का दूसरा रूप चिकित्सकों को यूं ही नहीं कहा जाता है जब मरीज जिंदगी और मौत से लड़ रहा होता है तब चिकित्सक किसी भी चीज की परवाह किए बिना वह मरीज को किसी भी सूरत में बचाने के लिए अपना हर संभव प्रयास करता है l इसी को चरितार्थ किया है , रुद्रपुर के पंडित राम सुमेर राजकीय मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. केदार सिंह शाही ने , जहां उन्होंने जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही मरीज को जीवन दान ही नहीं बल्कि मानवता का परिचय भी दिया है।

रानीखेत निवासी 82 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला लंबे समय से पेट में भयानक दर्द की समस्या से जूझ रही थी l कई बार उसके परिजनों ने निजी अस्पतालों के विभिन्न चिकित्सकों से उपचार भी चलाया l लेकिन महिला को राहत नहीं मिली l लेकिन यह समस्या बुजुर्ग महिला के लिए बीते दिनों 11 फरवरी को उसकी जान पर बात बन आई l जब महिला के पेट में असहनीय दर्द उठा तो उसके परिजन हल्द्वानी के निजी अस्पताल में ले गए लेकिन महिला को राहत नहीं मिल पाई तो चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए।

परेशान परिजनों को बेहद अनुभवी वरिष्ठ सर्जन डॉ. केदार सिंह शाही के बारे में पता चला तो तत्काल परिजनों ने देर रात उनसे दूरभाष पर संपर्क किया l जिस पर डॉ. शाही ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल महिला को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने को कहा , जिस पर महिला के परिजन आनन फानन में महिला को देर रात मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया l इस दौरान डॉक्टर शाही परिजनो से लगातार संपर्क में बने रहे और इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकीय स्टाफ को दूरभाष पर ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

इसके बाद अगले दिन 12 फरवरी की सुबह ही डॉ. केदार सिंह शाही मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सबसे पहले महिला को देखने गए जहां उसकी आवश्यक जांच कराई गई तो पता चला कि महिला फेमोरल हर्निया की गंभीर समस्या से जूझ रही है l जिस पर तत्काल महिला का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया।

वहीं पूरे मामले में जब डॉ. केदार सिंह शाही से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि रानीखेत निवासी 82 वर्षी बुजुर्ग महिला पेट में भयानक दर्द की शिकायत से जूझ रही थी l लेकिन सही उपचार नहीं मिल पाने के कारण यह समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी थी l जिसके चलते महिला की आते अंदर ही अंदर सड़ने लगी थी और बच्चेदानी में भी गांठे पड़ गई थी जिसके कारण शरीर के अन्य अंगों पर भी इसका असर पड़ रहा था।

उन्होंने बताया कि महिला फेमोरल हर्निया की गंभीर समस्या से जूझ रही थी जिसका लेप्रोटोमी विधि से 2 घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक किया गया l उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन बुजुर्ग महिला के लिए बेहद जोखिम भरा और उनके लिए भी बेहद चुनौती पूर्ण रहा था क्योंकि महिला की स्थिति बेहद नाजुक होने के साथ गंभीर बनी हुई थी l उन्होंने बताया कि थोड़ी और देरी होने पर महिला की जान भी जा सकती थी l फिलहाल महिला खतरे से बाहर है और स्वस्थ है जिसको अब डिस्चार्ज भी कर दिया गया है।

डॉ. शाही ने बताया कि फेमोरल हर्निया होना कोई नया नहीं है लेकिन समय रहते इसका इलाज नहीं करना जानलेवा भी साबित हो सकता है उन्होंने बताया कि अक्सर लोग पेट दर्द की समस्या होने पर खुद ही चिकित्सा बन जाते हैं और बिना चिकित्सकीय परामर्श के दर्द की दवा ले लेते हैं इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं उन्होंने बताया कि छोटी सी लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है इसलिए समय-समय पर शरीर से जुड़ी आवश्यक जांच करने के साथ सेहत का ख्याल रखना और इसकी तंदुरुस्ती बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।।

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