राजस्थान के भू-माफिया का उधम सिंहनगर का आतंक अवैध कॉलोनियों के जाल में फंस रही जनता की गाढ़ी कमाई प्राधिकरण के नियमों को ठेंगा दिखा काट दी कॉलोनियां
राजस्थान के भू-माफिया का उधम सिंहनगर का आतंक
अवैध कॉलोनियों के जाल में फंस रही जनता की गाढ़ी कमाई
प्राधिकरण के नियमों को ठेंगा दिखा काट दी कॉलोनियां
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर । उत्तराखंड की शांत वादियों और तराई के द्वार रुद्रपुर में इन दिनों बाहरी राज्यों, विशेषकर राजस्थान से आए भू-माफियाओं ने अपना जाल बिछा दिया है। जिले में बिना किसी डर और बिना विकास प्राधिकरणश् की अनुमति के कई अवैध कॉलोनियां काट दी गई हैं। सफेदपोशों की शह ये भू-माफिया न केवल भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, बल्कि सरकार के राजस्व को भी करोड़ों रुपये की चपत लगा रहे हैं।
जानकारी में आया है कि ये कॉलोनाइजर लुभावने वादों के जरिए मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को सस्ते प्लॉट का लालच देते हैं। लोग अपनी जीवन भर की जमापूंजी इनके हाथों में सौंप देते हैं, लेकिन पैसा लेने के बावजूद उन्हें प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं दी जा रही है। हालात इतने बदतर हैं कि एक ही प्लॉट को कई-कई लोगों को बेचकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली गई है। जब पीड़ित अपनी रजिस्ट्री या पैसे वापस मांगने जाते हैं, तो उन्हें डरा-धमकाकर या झूठे आश्वासन देकर भगा दिया जाता है।
इन कॉलोनियों में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बिना लैंड यूज चेंज कराए और बिना नक्शा पास कराए कृषि भूमि पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है। इसमें स्टाम्प ड्यूटी और अन्य सरकारी शुल्कों की भारी चोरी की जा रही है। हालांकि, पूर्व में प्राधिकरण ने कुछ कॉलोनियों के खिलाफ कार्यवाही की है, लेकिन ये भू-माफिया प्रशासनिक कार्यवाही के कुछ दिनों बाद ही दोबारा सक्रिय हो जाते हैं। सख्त कानूनी एक्शन न होने के कारण इन बाहरी भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
इस गोरखधंधे का सबसे बुरा असर उन गरीब परिवारों पर पड़ रहा है जो शहर में एक अदद छत का सपना देख रहे थे। कोर्ट और पुलिस के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके पीड़ित अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते इन राजस्थानी भू-माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो क्षेत्र में अवैध निर्माण का ऐसा जंगल खड़ा हो जाएगा जिसे संभालना मुश्किल होगा।।

