स्कूल छोड़ चुके बच्चों को करियर और शिक्षा के अवसरों की दी जानकारी विशेषज्ञों ने तनाव से बचाव, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं के प्रति किया जागरूक
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर गुरुवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के सभागार में स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए करियर मार्गदर्शन एवं प्रेरणा संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में विशेष रूप से कक्षा 8वीं-9वीं के बीच पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और भविष्य में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अमित जोशी ने बच्चों को उच्च शिक्षा और रोजगार के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देते हुए जर्मनी एवं जापान में बीएससी नर्सिंग समेत अन्य अवसरों के बारे में बताया। वहीं संकल्प फाउंडेशन के अमित पांडे ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की शिक्षा पूरी करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बच्चों को शिक्षा जारी रखने के महत्व के प्रति जागरूक किया।
इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट की परियोजना निदेशक बिंदु वासिनी ने बच्चों को तनाव और मानसिक दबाव से बचने, अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने तथा सकारात्मक सोच के साथ स्वस्थ एवं प्रसन्न जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन ने महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या, असुरक्षा, हिंसा, शोषण अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य गौरव तागरा ने बच्चों की समस्याएं सुनीं और उन्हें किसी भी परेशानी की स्थिति में संबंधित विभाग अथवा प्राधिकरण को सूचना देने तथा आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी।
संगोष्ठी के दौरान बच्चों ने विशेषज्ञों से विभिन्न करियर विकल्पों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर संवाद किया तथा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर जिला सेवायोजन अधिकारी राजेश दुर्गापाल, अपर सांख्यिकी अधिकारी उमेश कुमार, प्रभारी किंशिप अमित पांडे, संकल्प फाउंडेशन चंपावत के अमित जोगी, इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट की परियोजना निदेशक बिंदु वासिनी, बाल कल्याण समिति के सदस्य गौरव तागरा सहित संबंधित कर्मचारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।।

