बैंक कर्मचारियों की मांगों को दबाने के बजाय संवाद करे सरकार : सुशील गाबा बैंक कर्मचारियों की हड़ताल को दिया समर्थन, वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में समाजसेवी सुशील गाबा ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।
सुशील गाबा ने कहा कि बैंक कर्मचारी देश की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लाखों लोगों की जमा पूंजी, ऋण, पेंशन, सरकारी योजनाओं और दैनिक बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी बैंक कर्मचारियों के कंधों पर होती है। ऐसे में उनकी समस्याओं और मांगों को केवल वेतन अथवा अवकाश से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार और संबंधित पक्षों को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए। किसी भी विवाद का स्थायी समाधान बातचीत और आपसी सहमति से ही निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक वार्ता कर ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिसमें कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर आम लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा सके।
गाबा ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना कर्मचारियों का लोकतांत्रिक अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की जायज मांगों और उनके शांतिपूर्ण संघर्ष के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल संवाद की पहल करने की अपील की।।

