बारिश ने बिगाड़ा किसानों का गणित, धान की फसल को नुकसान; शिवांगी गंगवार ने सरकार से मांगी तत्काल
बारिश ने बिगाड़ा किसानों का गणित, धान की फसल को नुकसान; शिवांगी गंगवार ने सरकार से मांगी तत्काल राहत
खेतों में भरा पानी, कई स्थानों पर फसल हुई धराशायी; नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर किसानों को उचित सहायता देने की उठाई आवाज
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने खेती-किसानी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले तीन दिनों से जारी वर्षा के चलते धान के खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई इलाकों में कटाई के लिए तैयार फसल पानी में डूब गई है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण फसल जमीन पर गिर गई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
इस स्थिति को लेकर कुर्मी महासभा की प्रदेश अध्यक्ष एवं अधिवक्ता शिवांगी गंगवार ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस समय खेतों में खड़ी फसल किसान की कई महीनों की मेहनत और उसकी जमा पूंजी का परिणाम है। बारिश के कारण हुए नुकसान का सीधा असर किसान की आमदनी और आगामी कृषि गतिविधियों पर पड़ेगा।
शिवांगी गंगवार ने कहा कि बारिश थमने के बाद वास्तविक स्थिति सामने आने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमों से खेत-खेत जाकर नुकसान का जायजा कराया जाना चाहिए। उन्होंने सर्वे की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बरतने तथा प्रत्येक प्रभावित किसान की क्षति को रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजी कार्रवाई पूरी करने से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। नुकसान का आकलन वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि पात्र किसानों को सरकारी राहत का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा राहत के तहत उपलब्ध प्रावधानों का इस्तेमाल प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
फसल बीमा को लेकर भी उन्होंने प्रशासन से सक्रियता दिखाने की मांग की। उनका कहना है कि जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, उनके दावों की प्रक्रिया बिना अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाई जानी चाहिए। संबंधित विभाग और बीमा कंपनियां प्रभावित किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि दावे दाखिल करने में किसानों को परेशानी न हो।
शिवांगी गंगवार ने प्रशासन के सामने कई बिंदु रखते हुए कहा कि सबसे पहले बारिश से प्रभावित गांवों को चिन्हित किया जाए। इसके बाद खेतवार नुकसान का विवरण तैयार किया जाए और पात्र किसानों को शासन के नियमों के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने मांग की कि सर्वे प्रक्रिया में किसी भी प्रभावित किसान को वंचित न रखा जाए। नुकसान का विवरण सार्वजनिक स्तर पर उपलब्ध कराया जाए और राहत राशि सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेजी जाए। साथ ही जिन किसानों को निर्धारित सरकारी सहायता के बावजूद पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती है, उनके लिए राज्य सरकार अतिरिक्त सहायता की संभावनाओं पर भी विचार करे।
उन्होंने कहा कि खेती को हुए नुकसान का असर आने वाले कई महीनों तक ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह केवल नुकसान का आंकड़ा तैयार करने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाए।
शिवांगी गंगवार ने कहा कि किसानों को इस समय तत्काल प्रशासनिक सहयोग की जरूरत है। उन्होंने सरकार से अपील की कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों को भेजकर मौके की स्थिति का जायजा लिया जाए, क्षति का निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाए और नियमों के अनुरूप किसानों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए।।

