किच्छा स्ट्रांग रूम के बाहर घटनाक्रम पर भाकपा(माले) ने जताई आपत्ति
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
रुद्रपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने किच्छा नगरपालिका चुनाव की मतपेटियों के स्ट्रांग रूम के बाहर देर रात हुए घटनाक्रम को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
भाकपा(माले) के जिला सचिव ललित मटियाली ने प्रेस को जारी बयान में आरोप लगाया कि भाजपा अपनी हार की आशंका के चलते मतगणना रुकवाने और मतपेटियों में हेरफेर की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस प्रत्याशी को बाहर किए जाने तथा संदिग्ध वाहनों से सामान के आने-जाने का घटनाक्रम सामने आया है। उनके अनुसार, इस दौरान जिला प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में रहा।
मटियाली ने कहा कि पूर्व में भी चुनावों के दौरान इस तरह की घटनाओं के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में इस चुनाव में प्रशासन को सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर स्ट्रांग रूम की सुरक्षा एवं मतपेटियों की निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा मतगणना की प्रक्रिया को लेकर न्यायालय का रुख किए जाने के बाद मतगणना अगली तारीख निर्धारित होने तक स्थगित है। मटियाली ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और जिला प्रशासन भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किच्छा और सिरोलीकला के चुनावी घटनाक्रम से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं।
भाकपा(माले) जिला सचिव ने कहा कि नगरपालिका चुनाव जैसे स्थानीय चुनाव में यदि इस प्रकार की परिस्थितियां सामने आती हैं तो बड़े चुनावों में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने तथा मतपेटियों की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम की निगरानी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

