ऊधम सिंह नगर

सूरज पटेल हत्याकांड में 24 घंटे बाद भी तनाव, न्याय की मांग को लेकर मिलक कोतवाली पर जुटी भीड़ नेताओं की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में चर्चा जयदेव यदुवंशी ने संभाला मोर्चा

सूरज पटेल हत्याकांड में 24 घंटे बाद भी तनाव, न्याय की मांग को लेकर मिलक कोतवाली पर जुटी भीड़

नेताओं की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में चर्चा 

 जयदेव यदुवंशी ने संभाला मोर्चासौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान 

मिलक। बजरंग दल के प्रखंड संयोजक सूरज पटेल की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि शव को थाने में रखे जाने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव रामपुर भेजा गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की ओर से कुछ समय के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर देर रात बड़ी संख्या में लोग मिलक कोतवाली पहुंच गए।

बताया गया कि स्थिति को देखते हुए रामपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पुलिस बल मिलक कोतवाली पहुंचा। इसके बाद बिलासपुर क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने पर भीड़ शांत हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि यदि सुबह तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोतवाली का घेराव किया जाएगा। सुबह पुलिस की ओर से आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों की ओर से मिलक थाना प्रभारी को निलंबित करने तथा आरोपी की गिरफ्तारी की सार्वजनिक पुष्टि करने की मांग रखी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इन मांगों के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के युवा नेता जयदेव यदुवंशी लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़े नजर आए। बताया जा रहा है कि वह 24 घंटे से अधिक समय से पीड़ित पक्ष के साथ रहकर न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

नेताओं की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में चर्चा

वहीं, ग्रामीणों और समर्थकों ने कुछ स्थानीय नेताओं की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर कोतवाली पहुंचे, तब समाज के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी नजर नहीं आई।

ग्रामीणों ने ज्वाला प्रसाद गंगवार, पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश चंद गंगवार, ब्लॉक प्रमुख अर्चना गंगवार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रमोद गंगवार, अमरेश पटेल और पूर्व जिला सहकारी बैंक चेयरमैन देवकरन गंगवार सहित कई नेताओं की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। हालांकि, इन नेताओं की गैरमौजूदगी के कारणों अथवा मामले पर उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मिलक क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुर्मी समाज के लोग निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समाज के नेताओं से संकट के समय पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की उम्मीद रहती है। कोतवाली पर मौजूद लोगों में इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि जो जनप्रतिनिधि और नेता समाज के बीच अपनी सक्रियता का दावा करते हैं, उन्हें ऐसे कठिन समय में जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।

दूसरी ओर, जयदेव यदुवंशी की सक्रियता को लेकर उनके समर्थकों ने उनकी सराहना की समर्थकों का कहना है कि उन्होंने इस मामले को केवल किसी एक समाज तक सीमित न रखते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई के रूप में उठाया है। समर्थकों का दावा है कि जयदेव यदुवंशी लगातार दलित, पिछड़े और गरीब वर्ग के लोगों के मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सूरज पटेल हत्याकांड में पीड़ित पक्ष के साथ लगातार खड़े रहने से क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार को लेकर नई चर्चा शुरू हुई है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई, आरोपी की गिरफ्तारी और ग्रामीणों की मांगों को लेकर क्षेत्र में माहौल संवेदनशील बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।।

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