महिलाओं की आत्मनिर्भरता से ही बनेगा सशक्त उत्तराखंड: गीता धामी सावन उत्सव में 10 कर्मठ महिलाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान’, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
महिलाओं की आत्मनिर्भरता से ही बनेगा सशक्त उत्तराखंड: गीता धामी
सावन उत्सव में 10 कर्मठ महिलाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान’, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान
चंपावत। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से टनकपुर स्थित मिलन वाटिका में मातृशक्ति को समर्पित ‘सावन उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। लोक संस्कृति, भक्ति और मनोरंजन से सराबोर कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संकल्प दोहराया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि महिलाएं केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेत, संस्कृति और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। आज महिलाएं शिक्षा, खेल, प्रशासन, उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए ‘नंदा गौरा योजना’ महत्वपूर्ण पहल है। बेटी परिवार का अभिमान और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण तब होगा, जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपनी पहचान स्वयं गढ़ें। ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं से महिलाएं सफल उद्यमी बन रही हैं।
गीता धामी ने कहा कि उत्तराखंड की ऐपण कला, हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य उत्पाद, कृषि, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में महिलाएं रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और मार्केटिंग के माध्यम से मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
चंदन का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान गीता धामी ने ‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ अभियान के तहत चंदन का पौधा रोपा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने महिलाओं से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को संरक्षित करने तथा पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार के साथ पर्व-उत्सवों में सहभागिता करने का आह्वान किया।
सावन उत्सव में ‘सुपर ईंजा डांस प्रतियोगिता’ और ‘मिसेज सावन क्वीन-2026’ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहीं। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा ‘सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स’ और मनोरंजक खेलों का भी आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित नृत्य प्रस्तुतियों, ग्रुप डांस और नाट्य मंचन ने दर्शकों का मन मोहा। सांतूं-आंठू (गौरा महेश) तथा झोड़ा-चांचरी की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की सुंदर झलक पेश की।
इस दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, शिक्षिकाओं, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, आपातकालीन सेवा में मेडिकल टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत महिलाओं तथा क्षेत्र की प्रथम टुकटुक संचालिका समेत 10 महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ प्रदान किया गया। गीता धामी ने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका संघर्ष और साधना समृद्ध उत्तराखंड की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य ने किया इस अवसर पर राज्य दर्जा मंत्री हेमा जोशी, किरन देवी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा दीपा जोशी, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, सुनीता मुरारी, मंडल अध्यक्ष तुलसी कुंवर, जिला पंचायत सदस्य बनबसा सरोज चंद, सुनीता यादव, कपि धस्माना, रुकमणी उनियाल, बबीता गोस्वामी, मुन्नी देवी, गीता देवी, हंसा जोशी, विद्या, निशा वर्मा, रीता कलखुड़िया और उर्मिला चंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।।

