ऊधम सिंह नगर

राशन दुकान लाइसेंस विवाद: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विशेष अपील खारिज की, 20 हजार रुपये लागत जमा करने के निर्देश

सौरभ गंगवार/टुडे हिंदुस्तान नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उचित दर विक्रेताओं (फेयर प्राइस शॉप डीलर) के लाइसेंस निलंबन मामले में दायर विशेष अपील को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अपीलकर्ताओं पर 20 हजार रुपये की लागत भी लगाई है, जिसे एक सप्ताह के भीतर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के अनुसार, अपीलकर्ता बनवारी सिंह और एक अन्य उचित दर दुकान संचालक थे। 

उनकी दुकानों के लाइसेंस निलंबित/रद्द किए गए थे। अपीलकर्ताओं का आरोप था कि क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारियों ने उनसे अवैध धनराशि (रिश्वत) की मांग की और मांग पूरी नहीं करने पर उनके खिलाफ गलत रिपोर्ट भेजी गई अपीलकर्ताओं ने राज्य सरकार से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने और उन्हें कुमाऊं मंडल से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की थी। इस मांग को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे एकलपीठ ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने विशेष अपील दाखिल की।

खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी विशेष सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कराने या तबादले का आदेश देने के लिए इस प्रकार की याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपीलकर्ताओं का लाइसेंस निलंबन मामला पहले से न्यायालय में लंबित है और यदि निलंबन के पीछे कोई गलत मंशा या बाहरी कारण था तो उसे उसी मामले में उठाया जा सकता था हाईकोर्ट ने पाया कि याचिका लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के बाद दबाव बनाने के उद्देश्य से दाखिल की गई प्रतीत होती है। अदालत ने विशेष अपील को खारिज करते हुए अपीलकर्ताओं को 20 हजार रुपये की लागत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने के आदेश दिए।।

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